महिलाएं

महिलाएं

महिलाएं

***

स्वभाव से संजीदा हैं होती,
यह नहीं किसी से है छिपी।
पुनः एकबार प्रमाणित हुई है,
येल यूनिवर्सिटी की शोध प्रकाशित हुई है।
अमेरिकी!
कोरोना संक्रमण से बचाव को कितने हैं संजीदा? देखा गया,
महिलाओं और पुरुषों के व्यवहार पर अध्ययन किया गया;
है कैसा उनका रहन-सहन? यह भी देखा गया।
सुनकर न चौंकना!
हो मास्क पहनना,
या धोते हाथ रहना।
महिलाएं,पुरूषों ज्यादा संजीदा दिखीं !
यही बात शोधकर्ताओं ने कही।
वे सार्स कोव-2 से बचाव हेतु जरूरी कदम उठातीं हैं,
जो उन्हें संक्रमण से भी बचाती है।
जीपीएस और मोबाइल डाटा का विश्लेषण किया गया,
अध्यनोपरांत निष्कर्ष निकाला गया। निम्नलिखित बातें उभरकर आईं-
58% महिलाएं सही तरीके से मास्क हैं पहनती,
पुरूषों में यह दर 42 फीसद रही;
सर्दी ज़ुकाम के लक्षणों को नजरंदाज करने की प्रवृत्ति कम रही।
परिजनों के लक्षणों को गंभीरता से लीं,
यथाशीघ्र डॉक्टर से भी मिलीं।
इतना ही नहीं!
सामान को सैनिटाइज करने,
सामाजिक दूरी बनाने;
बाजार रेस्तरां जाने से परहेज़ में भी आगे रहीं।
इसी कारण महिलाओं में संक्रमण की दर कम रही।
शाबाश !
आधी आबादी,
आपने कोरोना को हरा दी।

 

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

यह भी पढ़ें :

नारी : एक स्याह पक्ष ! ( दोहे )

Similar Posts

  • कंघी का महत्व | Kanghi par kavita

    कंघी का महत्व ( Kanghi ka mahatva )   फैशन के दीवानों को, मन के अरमानों को। सजने सवरने का, मौका जरा दीजिए।   गंजे को भी बेच सके, चीज वो कमाल की। केसों को भी संवारिए, कंघी कर लीजिए।   सजने का शौक हमें, संवरने का चाव भी। चार चांद चेहरे पे, कंघी जरा…

  • सच्चाई की ताकत

    सच्चाई की ताकत ***** मैं सच कहता रहूंगा ज़ालिम! चाहे उतार लो- मेरी चमड़ी खिंचवा लो मेरे नख होउंगा नहीं टस से मस? मजबूत हैं मेरे इरादे चाहे जितना जोर लगा लें पीछे नहीं हटूंगा सच कहता हूं कहता ही रहूंगा। जुल्म के आगे तेरे नहीं मैं झुकूंगा मरते दम तक सच ही कहूंगा। मरने…

  • साथी हाथ बढ़ाना | Geet sathi haath badhana

    साथी हाथ बढ़ाना ( Sathi haath badhana )   प्रीत तुम्हारी मन को भाती, प्रीत जरा निभाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।   वृंदावन सा हृदय हो गया, गोकुल सा अफसाना। आंधी तूफां मुश्किलों का, सुख सागर बन जाना। बजे बांसुरी जब मोहन की, झूम झूमकर गाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।  …

  • देखो योगी आया है | Poem On Yogi Adityanath

    देखो योगी आया है ( Dekho yogi aya hai )   भगवा चोला भगवा साफा,भगवा ध्वज लहराया है। रूद्रों की वो माला पहन के, देखो योगी आया है।   काशी मथुरा और अयोध्या को, चमकाने आया है। धर्म सनातन का परचम, जग में लहराने आया है।   उठो सनातन वंशी तुम आर्यो के वंशज सजक…

  • आदर्श समाज एक परिकल्पना

    आदर्श समाज एक परिकल्पना आदर्श समाज की कल्पना करें,जहां हर व्यक्ति सम्मानित हो।जहां हर कोई अपने अधिकारों को जानता हो,और अपने कर्तव्यों को निभाता हो।जहां समाज में शांति और सौहार्द हो। आदर्श समाज में शिक्षा का महत्व होगा,हर व्यक्ति को शिक्षा का अधिकार होगा।जहां हर कोई अपने सपनों को पूरा कर सकेगा,और अपने लक्ष्यों को…

  • पर्व पर गर्व | Kavita Parv par Garv

    पर्व पर गर्व  ( Parv par Garv )   भले जली होलिका आज भी जल रही है जिंदा है आज भी हिरण कश्यप रावण आज भी जिंदा है बच गया हो प्रहलाद भले बच गई हों सीता भले अहिल्या को मिल गई हो मुक्ति तब भी आज भी स्थिति वही है खुशियां मनाएं किस बात…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *