नारी : एक स्याह पक्ष

नारी : एक स्याह पक्ष ! ( दोहे )

नारी : एक स्याह पक्ष !

( मंजूर के दोहे )

*******

१)

नारी नारी सब करें, किसी की यह न होय।
उद्देश्य पूर्ति ज्यों भयो, पहचाने ना कोय।।

२)

नारी सम ना दुष्ट कोई, होवे विष की खान।
दयी लयी कुछ निपट लो,संकट डाल न जान।।

३)

त्रिया चरित्र की ये धनी,करें न कभी विश्वास।
इनके सानिध्य जो रहे, झेले विश्वासघात।।

४)

नारी नाम मत लीजिए,ले लीजिए संन्यास।
प्रतिष्ठा बची रहेगी,इतना रखें विश्वास।।

५)

इनका मारा जग भरा,उठ खड़ा नहीं होय।
शर्मिंदा हो रहे पड़ा, कह पावे ना कोय।।

 

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

यह भी पढ़ें :

गुरु की महिमा ( दोहे ) | Guru ki mahima

Similar Posts

  • मौसम गर्मी का

    ?मौसम गर्मी का ?   अब तो तैयारी कर लो मौसम है आया गर्मी का। देखो त्याग कर दिया है इस धूप ने भी नर्मी का।।   कहां बूंद शबनमी के वो मंज़र सुहाने कोहरे के! ना ही सर्द वो हवाएं ना नामो-निशां नमी का।।   मंजर हुए सुनहरे खेतों तालाबों झील के। ज्यूं श्रृंगार…

  • लड़ाई लंबी है | Poem in Hindi on Ghaza War

    लड़ाई लंबी है ! ( Ladai lambi hai )    हुई मानवता तार-तार,लड़ाई लंबी है, नाच रही है मौत, लड़ाई लंबी है। एटम-बम बना खिलौना कुछ लोगों का, द्वार चक्रव्यूह तोड़,लड़ाई लंबी है। नभ,जल,थल से न बरसेंगे फूल कोई, लहू से सने हैं हाथ,, लड़ाई लंबी है। महंगाई,बेकारी पर किसी का ध्यान नहीं, बदलेगा भूगोल,लड़ाई…

  • गठबंधन | Kavita Gathbandhan

    गठबंधन ( Gathbandhan ) तेरे मेरे मिलन से हम लोग खुश है। मानो जैसे जिंदगी अब करीब आ गई हो। जतन किये थे हमने इसलिए मिल गये हो। और मेरी जिंदगी में फूल खिला दिये हो।। प्यार मोहब्बत करते नही तो हम दोनों मिल नहीं पाते। जिंदगी की हकीकत को हम समझ नही पाते। और…

  • सूरज है आदर्श हमारा | Suraj par kavita

    सूरज है आदर्श हमारा ( Suraj hai adarsh hamara : Poem on sun in Hindi )   सूरज है आदर्श हमारा, हर घर में उजाला भर देता। रोशन करता है कण-कण को, तम की छाया हर लेता।।   सूरज की उजली भोर उजाला, भू पर जब फैलाती है। पंछी करते शोर चमन की, कली कली…

  • छोटी चीजें | Kavita Choti Chijen

    छोटी चीजें ( Choti Chijen )   छोटी चीज़ों पर नजर रखना बहुत बड़ा काम है छोटी चीज़ें ही जनम देती है विराट चीज़ों को पैदा होता है बरगद का पेड़ छोटे से बीज से देख लेती है छोटी-सी आँखे बड़ी दुनिया को शुरु होती है मीलों का सफर छोटे से कदम से फूटते हैं…

  • चंद्रघंटा | Kavita chandraghanta

    चंद्रघंटा ( Chandraghanta )   नवशक्ति नव दुर्गा मां, चंद्रघंटा मस्तक सोहे। अभयदान देने वाली, चंद्र रूप अति सुंदर मोहे।   दस भुजधारी सिंह सवारी, दुष्टों का संहार करे। सबके संकट हरने वाली, काज सारे सिद्ध करें।   बुद्धि दात्री वैभव दाता, उर आनंद मोद भरे। शक्तिस्वरूपा मात भवानी, साधक रणविजय धरे।   चमका दे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *