हिंद का गौरव-हिंदी | Hindi Diwas ki Kavita

हिंद का गौरव-हिंदी

( Hind ka Gaurav – Hindi ) 

 

हिंद का गौरव हिंद का मान
हिंदी हिंद देश की पहचान।

हिमालय सा विशाल प्रसार
हिंद महासागर सा विस्तार।

सहज,सरल,सुगम,समर्थ
भावों से भरे सुन्दर अर्थ।

भारत भू के कण कण में
महकी,निखरी हर युग में।

पद्य की  रचे भाषा मीठी
गद्य में कहे गाथा अनूठी।

निश्छल हृदय अभिव्यक्ति
स्वरों की अद्भुत है शक्ति।

पावन सी माँ वीणापाणी
जन जन की मधुर वाणी।

अनंत गुणों की बनी खान
हिंदी भाषा बनी रहे महान।

 

शैली भागवत ‘आस’
शिक्षाविद, कवयित्री एवं लेखिका

( इंदौर ) 

यह भी पढ़ें :-

शिक्षक महान | Shikshak Mahaan


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *