Kavita Nashvar Jeevan

नश्वर जीवन | Kavita Nashvar Jeevan

नश्वर जीवन

( Nashvar Jeevan )

 

ईश्वर सत्य, सत्य ही सुंदर,
सुंदर ही शिव है !
पड़ना नहीं कभी तुम भ्रम में,
जीवन नश्वर है !!

ये शरीर माटी का पुतला,
मत करना, अभियान कभी !
ककृतकर्म जाएगा साथ तुम्हारे ,
रखना इसका ध्यान सभी !!

व्यर्थ की चिंता ना करना,
तूँ कर्म किए जा अपने !
भाग्य में है जो, मिल जाएगा,
देख नहीं तूँ सपने !!

“जिज्ञासु”जन ध्यान रहे बस,
आगे बढ़ते जाना है !
रुकना नहीं झुकना नहीं कभी
शतपथ ही अपनाना है !!

पड़ना नहीं कभी तुम भ्रम में,
जीवन नश्वर है !
ईश्वर सत्य, सत्य ही सुंदर,
सुंदर ही शिव है !!

Kamlesh  Vishnu

कमलेश विष्णु सिंह “जिज्ञासु”

यह भी पढ़ें :-

हम अपने कर्तव्य निभाएं | Kavita Hum Apne Kartavya Nibhaye

 

Similar Posts

  • पगडंडी | Hindi kavita

    पगडंडी ( Pagdandi )   पगडंडी वो रस्ता है, जो मंजिल को ले जाती है। उबड़ खाबड़ हो भले, मन को सुकून दिलाती है।   शहरों की सड़कों से ज्यादा, प्यारी लगे पगडंडी। प्रदूषण का नाम नहीं है, बहती हवा ठंडी ठंडी।   पगडंडी पर प्रेम बरसता, सद्भावो की धारा भी। हरी भरी हरियाली से,…

  • सनातन नववर्ष | Poem sanatan nav varsh

    सनातन नववर्ष ( Sanatan nav varsh )   हर हर महादेव गूंजे सब रामनाम जय कार करे। श्रद्धा  और विश्वास  भरकर  हर हिंदू हूंकार भरे।   वर्ष नया हो हर्ष नया हो घटा प्रेम की छाई हो। जय श्री राम के नारों से गूंज रही अमराई हो।   आस्था विश्वास हृदय में भावो की बहती…

  • होली में हो गया खेला

    होली में हो गया खेला होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला, ज़ेलेंस्की देखत रहें हिरो बने के सपनारूस अमेरिका ने धड़के धकेला झरेलाहोली में हो गया खेला। होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला। ज़ेलेंस्की पकावत रहें मन में पुवामुंह झुलस के भईल गुलगुला झरेलाहोली में हो गया…

  • अलग अलग भगवान न होगा | Alag Alag Bhagwan

    अलग अलग भगवान न होगा ( Alag alag bhagwan na hoga )   अलग अलग देवालय हैं पर अलग अलग भगवान न होगा । भिन्न भावना होने से क्या पूजा का अपमान न होगा। एक ज्योति ही, जलती सब में मन्दिर मस्जिद गुरुद्वारों में। किन्तु उसे वे देख न पाते भटक रहे जो अंधियारों में।…

  • मुस्कान | Muskan

    मुस्कान ( Muskan ) बहुत ही खास है, हमारी मुस्कान चेहरे की चमक है ,हमारी मुस्कान, कीमती श्रृंगार है ,हमारी मुस्कान, कुदरती खूबसूरत है ,हमारी मुस्कान, रिश्तों को बांधे रखने की डोर है ,हमारी मुस्कान, खुशियों में कई गुना बढ़ जाती है,हमारी मुस्कान, गम छुपाने में कलाकार है , हमारी मुस्कान, दर्द बांटने में माहिर…

  • बुद्ध होना चाहती हूं | Buddh Hona Chahti Hoon

    बुद्ध होना चाहती हूं ( Buddh hona chahti hoon )   सब त्याग दिया जिसने पल भर में, हर रिश्ते के मोह पाश से मुक्त होकर मैं बुद्ध होना चाहती हूं! बुद्ध शरण में जो भी आए पार भौतिक संसार से पाएं पीड़ा में भी मधुरता झलके सारे दुख फूल से बन जाए ।। मांगना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *