प्रधानमंत्री मोदी हमारी आत्मा | Prime Minister Modi

प्रधानमंत्री मोदी हमारी आत्मा

( Pradhanmantri Modi Hamari Aatma ) 

 

जन्म-दिवस की आपको ढ़ेरों शुभ-कामना,
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी है हमारी आत्मा।
अभिमान स्वाभिमान गुणवान ऐसी भावना,
रखें स्वस्थ एवं सेहतमंद आपको परमात्मा।।

जन्में हो गुजरात महेसाना वडनगर ग्राम में,
मध्यम वर्गीय मूलचंददास मोदी परिवार में।
माता हीराबेन और पिता दामोदरदास मोदी,
अवतरण तिथि १७ सितंबर सन् १९५० मे।।

उच्चमाध्यमिक शिक्षा आपने गांव से किया,
जीवन संगिनी यशोदा बेन से विवाह किया।
घर छोड़ दिया आपने पारिवारिक तनावों में,
सम्पूर्ण जीवन समाजिक कार्यों मे बिताया।।

आज सारे विश्व में आपने ऐसी छवि बनाया,
हिंदुस्तान की गाथा सुनकर डर जाएं साया।
ऐसी भंयकर महामारी से निपटना सिखाया,
कोविड़ इन्जेक्शन लगाकर देश को बचाया।।

कभी पिता संग स्टेशन पे चाय बेची ‌आपने,
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक बने बाद में।
३ बार रहें मुख्यमंत्री आज आप प्रधानमंत्री,
जन्मदिन की बधाई देता सी आर पी संतरी।।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी

 

भारत‌ वर्ष के विकास में जिन्होंने ढ़ेरों किए है काम,
देश एवम विदेश में जिन्होंने बहुत बनाया पहचान।
नरेन्द्र दामोदरदास मोदी है उस‌ महापुरूष का नाम,
अपनें माता एवम पिता की जो है तीसरी सन्तान।।

दामोदर मूलचंद दास पिता व हीरा बेन माॅं का नाम,
गुजरात के मेहसाना वड़नगर में करते थें वो काम।
१७ सितम्बर- १९५० को जन्में घांची तेली समुदाय,
कभी रेल्वे स्टेशन पर बेचें थें जो चाय सवेरे शाम।।

बड़ा संघर्षमय एवम चुनौती भरा था इनका बचपन,
पढ़ाई से भी ज्यादा राजनीति में था उनका ये मन।
हायर सेकेंड्री के बाद इन्होंने यह घर भी छोड़ दिया,
क्यों कि भारत-भ्रमण का उन्होंने बना लिया मन।।

उत्तर भारत दौरा किया जहां है हिमालय ऋषिकेश,
दो-वर्ष पश्चात दिल्ली काॅलेज में लिया फिर प्रवेश।
साहस एवम चरित्र के बल इन्होंने पाया हर मुकाम,
स्नातक-स्नातकोत्तर अहमदाबाद से किए विशेष।।

धीमे धीमे इस राजनीति में आपने क़दम रख लिया,
चुनाव-जीतकर 3 बार मुख्यमंत्री पद ग्रहण किया।
ये लोक सभा चुनाव जीतकर आप प्रधानमन्त्री बनें,
अनगिनत योजना चलाकर सभी का भला किया।।

भारत के आज पन्द्रहवें प्रसिद्ध प्रधानमन्त्री है आप,
गांधीजी व स्वामी विवेकानन्द जी को मानते आप।
भूमिजल संरक्षण प्रोजेक्ट जैसे मुॅंह बोलते है काज,
नोटबन्दी जीएसटी सर्जिकल-स्ट्राइक किये आप।‌।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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