ईद सबके लिए खुशियाँ नहीं लाती

ईद सबके लिए खुशियाँ नहीं लाती | Eid Kavita

ईद सबके लिए खुशियाँ नहीं लाती

 

रोजे हुए मुकम्मल
अब ईद आई है
कहाँ से लाऊँ?
घी शक्कर सेवइयां
नये अंगवस्त्र…
बच्चों की है जिद जबरदस्त!
ईदगाह जाने की है जल्दी
कैसे समझाऊँ उन्हें?
फाकाकशी है घर में
रेशमी लिबास नहीं
दाल आटा जरूरी है
जिंदा रहने के लिए
परवरदिगार,
सब्र अता फरमा
इन नन्हे फरिश्तों को।
और मुआफ़ खता करना मेरी
दे न सकूंगा मैं ईदी।

शिक्षण सेवा के २१ वर्ष

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें:-

आ रहे हैं प्रभु श्रीराम | Aa Rahe Hain Prabhu Shri Ram

Similar Posts

  • टीआरपी का खेल!

    टीआरपी का खेल! ( व्यंग्य ) ***** टीआरपी के खेल में अबकी धरे गए हैं भैया, देखना है अब कैसे उन्हें बचाते हैं सैंया? चिल्ला चिल्ला कर तीन माह से- बांट रहे थे इंसाफ! हाईकोर्ट ने पल में मिला दिया उसे खाक। कह दिया रिया ‘ड्रग सिंडिकेट’ का हिस्सा नहीं, बनाओ स्वामी कहानी कोई और…

  • राम वन गमन | Kavita Ram VAn Gaman

    राम वन गमन ( Ram Van Gaman )   चली गई कैकई कोप भवन में बात मंथरा मानी वचन पूरे करो राजन तब बोली कैकयी महारानी भरत राजतिलक हो वन जाए राम लक्ष्मण भाई वन चले राम रघुराई केकई कान की कच्ची ना होती बात ये सच्ची ना होती अभिमानी रावण कहां मरता माता सीता…

  • संम्भाल अपने होश को | Prerna Dene Wali Kavita In Hindi

    संम्भाल अपने होश को ( Sambhal apne hosh ko )     उत्साह भर कर्मों में अपने जीवन जीना सीख ले, छोड़ अपनों का सहारा खुद भाग्य रेखा खींच ले।   भीड़ में है कौन सीखा जिंदगी के सीख को, हाथ बांधे ना मिला है मांगने से भीख को।   ढाल ले खुद को ही…

  • Hindi Kavita| Sad Shayari In Hindi | Hindi Poem -कहानी मेरी

    कहानी मेरी ( Kahani Meri )     क्या  कहूँ  तेरे  बिना – क्या है ये जिंदगानी  मेरी; तुझसे शुरु तुझपे ख़त्म ये छोटी-सी कहानी मेरी ।   ना  भूख,  ना प्यास,  दिल घायल,  बेचैन रूह है; तुझे क्या बताऊँ क्या-क्या नहीं है परेशानी मेरी ।   जो  बेशक़ीमती लम्हें हमने तेरे साथ गुज़ारे थे;…

  • राखी का पर्व | Rakhi ka Parv

    राखी का पर्व ( Rakhi ka parv )    आया है आज राखी का त्योहार उमड़ रहा है भाई बहन का प्यार खुशियों संग झूम रही रिश्ते की डोर भाई बहन की नोंक झोंक है चहुंओर बहाना बांधे राखी भाई के हांथ बदले मांगे जीवन भर का साथ बहना के खातिर भाई है शेर के…

  • दीपावली | Deepawali kavita

    दीपावली ( Deepawali )     आ गई दीवाली, आ गई दीवाली ……|| 1.नव रात्र गये गया दशहरा, लो आ गई दीवाली | साल में सबसे हिन्दुस्तानी, त्यौहार बड़ा दीवाली | करो सफाई सारे घर की, है थोड़े दिन में दीवाली | रंग भर दो दीवारों में, रंगमय हो जाये दीवाली | आ गई दीवाली,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *