चाँद की व्यथा | Kavita Chand ki Vyatha

चाँद की व्यथा

( Chand ki Vyatha )

चाँद सागर से कहता रहा रात भर,
तुम मचलते रहो मैं तरसता रहूँ ।।

तुम उफनते रहो अपनी लहरों के संग
मैं तो खामोश तुम को तकता रहूँ l
अपनी पलकों में तुमको छिपाये हुए,
मैं यूँ ही उम्र भर बस पुलकता रहूँ ।।

अपने दामन को रत्नों से भरते रहो,
मैं यूँ ही रीत कर खुद में थकता रहूं l
अपनी साँसों में तुमको बसाये हुए,
आप ही आप बस मैं दरकता रहूँ ।।

अपनी सीमा से बाहर निकलते रहो,
दायरों में अकेला तरसता रहूँ l
कच्चे धागों में तुमको लपेटे हुए,
आप ही आप बस मैं सरसता रहूँ ।।

Sushila Joshi

सुशीला जोशी

विद्योत्तमा, मुजफ्फरनगर उप्र

यह भी पढ़ें :-

आज की रात | Ghazal Aaj ki Raat

Similar Posts

  • ऐसा हमारा संविधान | Aisa Hamara Samvidhan

    ऐसा हमारा संविधान ( Aisa hamara samvidhan )   हिन्दुस्तान का ऐसा हमारा संविधान, जिसका करते है यहां सभी सम्मान। इस पर सब भारतवासी को विश्वास, लिखे है जिसे यह आंबेडकर महान।। बहुत ही अनमोल है यह प्यारा ग्रन्थ, अखण्ड इसकी ज्योति जले समस्त। इसमे विद्यमान सारे भारत का प्राण, प्रतिभा के बल बाबा किया…

  • जल है तो कल है | Kavita Jal Hai to Kal Hai

    जल है तो कल है ( Jal Hai to Kal Hai )   सृष्टि पंच तत्व प्रभा, जल अद्भुत अनमोल । जीवन आयुष श्रेष्ठ पद, पग पग दिव्य तोल । अमृत तुल्य नीर संग , जीवंत हर पल है । जल है तो कल है ।। पेयजल दुरूपयोग व्यर्थता, सर्वदा अक्षम्य पाप । अवांछित कृत्य…

  • विध्वंस | शैलेन्द्र शांत

    विध्वंस आदमी का फटे चाहे आसमान काकलेजाविध्वंस ही होता है अपमान बहुतदोहन भरपूरउपेक्षा अतिवादे अनवरत झूठेअहर्निश लूटहोती है भारी टूट-फूटकहीं, तब फटता है कलेजा टूट जाता है जब धैर्यप्रकृति काचाहे आदमी का विध्वंस ही होता है ( Destruction was published in the reputed magazine: The Hans. ) Destruction Whether it’s the heart of a manOr…

  • क्यों आत्महत्या | Kyon Aatmahatya

    क्यों आत्महत्या ( Kyon aatmahatya )    अपनी आकांक्षाओं का बोझ बच्चों पर डाल उनमें ना खोज अपनी असफलता की ग्लानि  उन्हें अपमानित करते रोज बैठा पूछो उनसे क्या चाहते अपनी पसंद के विषय क्यों उन पर थोपना  चाहते हो रुचि जिसमें होगी उनकी चुनकर सफल हो जाएगा धैर्य से रास्ता वो पा जायेगा जल…

  • गुलशन | Gulshan geet

    गुलशन ( Gulshan )     गुल खिले गुलशन खिले खिलती चले बहार महकती फिजायें सारी चमन हुआ गुलज़ार   दिल की हसीं वादियो में फूलों का डेरा है खुशबूओं से भरा चमन है प्यार घनेरा है   बागों में बैठी कोयल तितलियां पंखों वाली गुलशन सारा महकता फलों से लदी डाली   पेड़ों पे…

  • संग हमें रहना है | Geet sang hamen rahana hai

    संग हमें रहना है ( Sang hamen rahana hai )   हर मुश्किल संघर्षों को मिलकर हमें सहना है। कुछ भी हो जाए जीवन में संग हमें रहना है। संग हमें रहना है   प्रीत की धारा बह जाए प्रेम सुधारस हम बहाये। प्यार के मोती लुटाए अपनापन अनमोल बढ़ाए। हमारी हर खुशियों का दिल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *