सकल सृष्टि के गुरु | Sakal Srishti ke Guru

सकल सृष्टि के गुरु

( Sakal Srishti ke Guru )

हे महादेव, महेश, महेश्वर!
सृष्टि के एक मात्र हैं गुरुवर।
नमन ,नमन ,कोटि-कोटि है नमन।।

आप से ही ज्ञान सब पाकर।
गुरु का पद निभाते हैं जाकर।
सत् का प्रकाश देते आप भर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर !

सकल सृष्टि को तारने वाले।
भोलेनाथ हैं भोले भाले।
रखते दया दृष्टि भक्त जन पर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर!

समझ न जो आपको हैं पाए।
माया के तम में भटक जाए।
सताते हैं नित उसे कई डर।
हे महादेव , महेश,महेश्वर!

सुमा आपकी शरण पड़ी है।
कर जोड़ कर द्वार पर खड़ी है।
मिला दीजिए मुझे मेरा घर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर!

Suma Mandal

रचयिता – श्रीमती सुमा मण्डल
वार्ड क्रमांक 14 पी व्ही 116
नगर पंचायत पखांजूर
जिला कांकेर छत्तीसगढ़

यह भी पढ़ें :-

उबारो गणपति | Ubaro Ganpati

Similar Posts

  • क्या करूं | Kya Karoon

    क्या करूं ( Kya karoon )   मैं अज्ञानी हूं , ज्ञान बांटता हूं क्या करूं, इंसान हूं इंसान बांटता हूं….   बोझभर किताबें पड़ी हैं घर मे कितनों को तो दीमक भी चाट गए हैं देखता हूं जाते आते लोगों को बुत खाने सोचता हूं सब पगला गए हैं करता नही पूजा पाठ, तब…

  • आज का काव्यानंद | डॉ० रामप्रकाश ‘पथिक’

    जल का बल बढ़ा हुआ है आजकल, नालों का अभिमान।सब पथिकों के मार्ग में, बने हुए व्यवधान।। नदियाँ पोखर ताल सब, बने कष्ट के हेतु।जल के बल ने कर दिए, व्यर्थ बहुत से सेतु।। भारी बम-बौछार समांत— आरपदांत—- बचाओ इस दुनिया कोमात्राभार- २४छंद — रोला भारी बम-बौछार, बचाओ इस दुनिया को।मचता हाहाकार, बचाओ इस दुनिया…

  • Kavita | ये क्या हो रहा है

    ये क्या हो रहा है  ( Ye Kya Ho Raha Hai )     घर से बाहर निकल कर देखिए- मुल्क़ में ये क्या हो रहा है, सबका पेट भरने वाला आजकल सड़कों पर भूखे पेट सो रहा है । मुल्क़ में ये…   खेतों की ख़ामोशियों में काट दी जिसने अपनी उम्र सारी, बुढ़ापे…

  • अब कलम लिखे किसकी जयगान

    अब कलम लिखे किसकी जयगान जब हुआ सबेरा खून खराबा इसी में रहता है जग सारा, वेद मंत्र सब धरे धरा पर नहीं करे कोई गुणगान | अब कलम लिखे ———–! रक्षक, भक्षक बनकर जीता अरमानों के अश्क़ को पीता, माली रौंदे अपनी बगिया गा गाकर पूरबी तान | अब कलम लिखे———! एक चमन है…

  • हिन्दी तो है, बन्दूक की गोली

    हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली करती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हें आजादी दूँगासुभाष ने देश में, खड़ी कर ली टोलीकरती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। अंग्रेजो तुम भारत छोड़ोगांधी ने ललकार है जब मारीकरती प्रहार मार कर बोली,हिन्दी तो है,बन्दूक की गोली। जय जवान,जय…

  • आई लव यू | I Love You

    आई लव यू ( I love you )   आई लव यू के मर्म में, अपनत्व अमिय धार प्रेम जप तप लगन , तन मन मुदित भाव । निहार अक्स आकर्षण, जीवन सौम्य शीतल छांव । शब्द अर्थ अभिव्यंजना , हृदय श्रोत मधुरता अपार । आई लव यू के मर्म में,अपनत्व अमिय धार ।। अंतराल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *