सकल सृष्टि के गुरु | Sakal Srishti ke Guru

सकल सृष्टि के गुरु

( Sakal Srishti ke Guru )

हे महादेव, महेश, महेश्वर!
सृष्टि के एक मात्र हैं गुरुवर।
नमन ,नमन ,कोटि-कोटि है नमन।।

आप से ही ज्ञान सब पाकर।
गुरु का पद निभाते हैं जाकर।
सत् का प्रकाश देते आप भर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर !

सकल सृष्टि को तारने वाले।
भोलेनाथ हैं भोले भाले।
रखते दया दृष्टि भक्त जन पर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर!

समझ न जो आपको हैं पाए।
माया के तम में भटक जाए।
सताते हैं नित उसे कई डर।
हे महादेव , महेश,महेश्वर!

सुमा आपकी शरण पड़ी है।
कर जोड़ कर द्वार पर खड़ी है।
मिला दीजिए मुझे मेरा घर।
हे महादेव, महेश ,महेश्वर!

Suma Mandal

रचयिता – श्रीमती सुमा मण्डल
वार्ड क्रमांक 14 पी व्ही 116
नगर पंचायत पखांजूर
जिला कांकेर छत्तीसगढ़

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