Diwali tyohar kavita

दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

दीपावली है दीपोत्सव का सबसे प्यारा त्यौहार,
दीपक जलाकर इसे मनाता हैं देखो सारा संसार।
जगमगाता है जग, दीपक की ज्योति की लौ से,
दीप जलाते,खुशी मनाते हैं, है रंगोली की भरमार।।

दीपावली सनातनियों का है सबसे प्यारा त्यौहार,
जग के अंधकार मिटाता है होती रोशनी की भरमार ।
बुराई से अच्छाई की विजय कर घर आए थे राम जी,
दीपक से सज गया था सारा अयोध्या का घर द्वार।।

दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मानते हैं,
पटाखे आतिशबाजी करिए उज्जवल त्यौहार मनाते हैं।
घर की साफ सफाई करके रंगाई पुताई करते हैं सभी,
दिवाली के दिन घर को प्रकाश की लड़ियों से सजाते हैं।।

दीपक जलाकर हम मन और जग के अंधकार मिटाते हैं,
दीप प्रेम और सुख समृद्धि का प्रतीक है सभी जलाते हैं।
संस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है दीपावली,
गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा खरीदकर पूजन के लिए लाते हैं।।

यह त्यौहार भगवान राम के आने की खुशी में मनाते हैं,
सभी सनातनी साथ बैठकर राम के गुणगान बखानते हैं।
सभी सनातनी मिलकर इस दिन धार्मिक अनुष्ठान करते हैं,
बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते और मिठाई खिलाते हैं।।

प्रभात सनातनी “राज” गोंडवी
गोंडा,उत्तर प्रदेश

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