अष्ट दीप दान

अष्ट दीप दान

अष्ट दीप दान

आदि लक्ष्मी अर्पित करें, प्रथम दीप का दान।
ह्रदय बुद्धि शीतल करें, और बढ़ाएँ मान।। 1।।

धन लक्ष्मी को दीजिये, दूजा दीपक दान।
भौतिक सुख सम्पन्नता, मान और सम्मान।। 2।।

कौशल प्रतिभा ज्ञान का, दीप तीसरा दान।
विद्या लक्ष्मी जान कर, मनुज बढ़ाया मान।। 3 ।।

अन्न बिना जीवन नही, अर्पित लक्ष्मी धान ।
चौथा दीपक कीजिये, अक्षत लक्ष्मी मान ।। 4।।

पंचम संतती जानिए, लक्ष्मी जग आधार।
रचना प्रतिभा अरु कला, करे दीप साकार।।5 ।।

छठे दीप का दान हो, धीरज लक्ष्मी नाम।
साहस बल विक्रम जहाँ, करते अद्भुत काम।। 6।।

दीप दान सप्तम सुनो, कर उन्नति के काम ।
मात लक्ष्मी हित करें , विजय दीप हैं नाम।। 7 ।।

दीप दान अंतिम करो, भाग्य लक्ष्मी सुनाम।
सूरद सम्पदा समृद्धि, इसके बहुरे नाम।l 8।।

आठ लक्ष्मियों के लिए, दीप जलाएँ आज।
पूरे वर्ष निश्चिन्त हो, आठों राखे लाज।।9ll

Sushila Joshi

सुशीला जोशी

विद्योत्तमा, मुजफ्फरनगर उप्र

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • मासूम चिरैया

    Happy Sparrow Day कई दिनों सेघोंसला बनाने की चाह मेंरोज घंटोंटुक टुककरती सी मासूम चिरैया नहीं जानती किजो दिखता हैवो कोई ठौर नहींठिकाना नहीं इक भ्रम ही है होने कान होने कावहमदरमियां याविश्वास उसका…. चील कौओं की दुनिया में , ऐ मासूम चिड़िया, तेरा और तेरे वजूद का खुदा ही हाफिज हो। “Monitor the Sparrows…

  • सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी | Guru Gobind Singh Ji Par Kavita

    सिखों के दसवे गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी ( Poem on Guru Gobind Singh Ji in Hindi ) सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी महान, याद करता रहेगा आपको सदैव ही सारा जहान। पौष-शुक्ला सप्तमी को हुआ था आपका जन्म, सन्त और लेखक बनकर बनाई अमिट पहचान।। प्रकाश पर्व के रूप में जन्मोत्सव मनाता…

  • मगरमच्छ के आंसू | Kavita magarmach ke aansoo

    मगरमच्छ के आंसू ( Magarmach ke aansoo )     दिखावे की इस दुनिया में लोग दिखावा करते हैं घड़ियाली आंसू बहाकर जनमन छलावा करते हैं   मगरमच्छ के आंसू टपकाते व्यर्थ रोना रोते लोग अपना उल्लू सीधा करते मतलब से करते उपयोग   भांति भांति के स्वांग रचाते रंग बदलते मौसम सा बात बात…

  • भवंर | Bhanwar

    भवंर ( Bhanwar )    चित्त का भवंरजाल भावनाओं की उथलपुथल एक बवंडर सा अन्तस में और हैमलेट की झूलती पक्तियां टू बी और नाॅट टू बी जद्दोजहद एक गहन.. भौतिक वस्तुएं आस पास रहते लोग सामाजिक दर्जे और हैसियत क्षणिक और सतही खुशी के ये माध्यम नही करवा पाते चित्त को आनन्द की अनुभूति……

  • महुआ | Mahua par kavita

    महुआ ( Mahua )   औषधीय-गुणों का जिसमें भरा है ख़ज़ाना, वैज्ञानिकों ने भी आज इसी-बात को माना। इसका ‌बीज-छाल हर पत्ता भी है उपयोगी, इसके निकलें हुये तेल से बनातें हम खाना।। बनाई जाती है इससे ढ़ेर तरह की दवाईयाॅं, जिससे ठीक होती है मरीज़ की बिमारियाॅं। एक्जिमा मिर्गी बवासीर में होता है आराम,…

  • लेखक | Lekhak

    लेखक ( Lekhak )    सत्य का समर्थन और गलत का विरोध ही साहित्य का मूल उद्देश्य है कहीं यह पुष्प सा कोमल कहीं पाषाण से भी सख्त है कहीं नमन है वंदन है कहीं दग्ध लहू तो कहीं चंदन है मन के हर भावों का स्वरूप है साहित्य हर परिस्थितियों के अनुरूप है साहित्य…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *