गणतंत्र दिवस

India Republic Day Kavita | गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस

( India Republic Day )

 

भारत माता के मस्तक पर,
रोली अक्षत चंदन की।
संविधान के पावन पर्व पर,
वंदन और अभिनंदन की।

 

वर्षों के तप और धैर्य से,
वीरों के लहू और शौर्य से,
माताओं के जिन पुत्रों ने,
चलना सही न सीखा था,
अंग्रेजों से लड़ लड़ कर,
ये युद्ध उन्होंने जीता था।

 

सांसे भी अपनी थी लेकिन,
लेने का अधिकार न था।
प्यार तो था अपनी माता से,
गोदी का अधिकार न था।

 

अपने घर और अपने देश में,
अपनी माटी अपने वेश में,
खुली हवा में सांसे लेना,
अनुभव आज ये हो पाया,
लालकिले पर आजादी का,
आज तिरंगा फहराया।

 

अपने देश में अपनेपन को,
अपनी धरती अपने गगन को,
माता के आंचल को वंदन,
कोटि कोटि उसको अभिनंदन।।

 

रचना – सीमा मिश्रा (स. अ.)
उ. प्रा.वि. काजीखेड़ा
खजुहा फतेहपुर

यह भी पढ़ें :

24+ Desh Bhakti Kavita in Hindi देश भक्ति कविता हिंदी में

 

Similar Posts

  • चमत्कारी करणी माता | Karni Mata

    चमत्कारी करणी माता ( Chamatkari karni mata )    जगत जननी जगदम्बे का अवतार जिसे कहा जाता, देवी-हिंगलाज के अवतार रुप में जिन्हें पूजा जाता। समाज के सारे वर्गों में इनकी मान्यता बताया जाता, करणी जी महाराज के रूप में इनको जाना जाता‌।। बीकानेर के राठौड़ राजवंश की आराध्य कहां जाता, जिसका स्थापना-विस्तार में माॅं…

  • वेश्याएं | Veshyaen

    वेश्याएं ( Veshyaen )    उनकी गलियों में, दिन के उजाले में जाना, सभ्य समाज को, अच्छा न लगता, इसलिए छद्म वेश में , रात्रि के अंधियारे में , छुप-छुप कर वह जाता है , सुबह दिन के उजाले में, सभ्यता का लबादा ओढ़े , सदाचरण पर भाषण देता, लोग उसे देवता समझ , फूल…

  • नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) पंचम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) नवरात्रि पर्व ( चैत्र ) पंचम दिवस भुवाल माता का स्मरण करदेंगे सपनों को आकारपायेंगे आस्था का आधारमन की आश फलेगीसुरभित सांस मिलेगीआत्मा पर आत्मा केशासन को विकसायेंगेंजीवन में सही से प्रामाणिकव्यवहार को अपनायेंगेअहंकार का सघन विलय करेंगेविनम्र व्यवहार को धारेंगेजीवन में धर्म हैं सहज कसौटीजागरूक – व्यवहार जीवननैया में…

  • ढाई अक्षर | Dhai akshar

    ढाई अक्षर ( Dhai akshar )   रातभर फिर सोचकर घबराये हम। ढाई अक्षर भी नहीं पढ़ पाये हम।।   मेरी आंखों में तुम्हारे आंसू थे, चाह करके भी नहीं रो पाये हम।।   एक पग भी तुम न आगे आ सके, सारे बंधन तोड़कर के आये हम।।   तमस तेरे मन से कब जायेगा…

  • बारिश | Barish Poem in Hindi

    बारिश ( Barish ) बारिश जब जब आती है, खुशियां लेकर आती है। धरती मां की प्यास बुझाती, किसान के मन में खुशियां लाती। मोर पपीहा कोयल गाये, सब जीवों की प्यास बुझाए। फल, फूल और हरियाली लाए, जब जब भी बारिश आए। यह बच्चों के मन को भाए, कागज की वह नाव चलाए। बारिश…

  • वाणी और पानी -ध्रुव-1

    वाणी और पानी – ध्रुव-1 वाणी की मधुरताहमारे ह्रदय द्वारको सही सेखोलने की कुंजी हैपानी जीवन पर्यन्तहमारे साथ सदैवरहने वाला होता हैवह हमारे जीवन मेंरिश्ते भी काफीमहत्वपूर्ण होते हैंपहन ले हम चाहेकितने भी क़ीमतीवस्त्र या आभूषणपर वाणी बता देती हैकि व्यक्ति कितने पानी मेंजैसे कोयल और कागदिखते एक जैसेबोल मीठे सुनकोयल के दिल जीत लेतेपर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *