आपका अपना | Aapka Apna

आपका अपना

( Aapka Apna ) 

 

कभी-कभी
उन्हें भी आजमाते रहिए
जिन्हें आप दिल में रखते हैं
दिमाग में तो भीड़ ही भीड़ रहती है

वक्त की कसौटी पर देखना जरूरी है
कि कौन होता है साथी बुरे वक्त का
सही वक्त मे तो सभी अपने हैं

आपका उत्तरदायित्व तो
परिवार और समाज सभी पर है
किंतु आपकी जिम्मेदारी कौन लेगा
यह भी तो पता होना चाहिए.

आप सब में हैं सबके लिए हैं
मगर अकेले हैं या साथी भी है कोई
यह तो आपको ही तय कर लेना चाहिए

सक्रियता ही भविष्य को जन्म देती है
निष्क्रिय हो जाने पर
केवल मलाल और पछतावा ही रहता है

स्वयं के प्रति भी सचेत रहें
यही आपका अपना होगा
वक्त तो परिवर्तनशील है
जो आज है वह कल नहीं होगा

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

व्यवहार | Vyavhar

Similar Posts

  • पवित्र शंख | Shankh par kavita

    पवित्र शंख ( Pavitra shankh )      जगतपिता नारायण रखते जिसको अपने हाथ, आओ करें आज हम उस पवित्र शंख की बात। इसी शंख में होता है देवी लक्ष्मी-मैया का वास, जिससे जुड़ी है महत्वपूर्ण और कई सारी बात।।   इसको घर में रखना भी बहुत शुभ माना जाता, फूॅंक मारकर तीन-बार बजाया जिसको…

  • डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | Dr. Sarvepalli Radhakrishnan

    डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ( Dr. Sarvepalli Radhakrishnan )    स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया ऐसे महापुरुष का नाम, डाॅक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन था जिनका यें नाम। 05 सितम्बर 1888 को हुआ था आपका यें जन्म, पिता सर्वपल्ली वीरा स्वामी सीताम्मा माँ का नाम।। बाल्यावस्था से ही मेधावी व होशियार रहें हो आप, देश के प्रथम उपराष्ट्रपति…

  • दीवानगी | Deewangee

    दीवानगी ( Deewangee )   शराब तो नहीं पीता मैं पर रहता हूं उसके नशे में चूर हरदम वह ऐसी चीज ही लाजवाब है कि नशा उतरता ही नहीं बड़ी हसीन तो नहीं पर दीवानगी का आलम यह कि सर से पांव तक भरी मादकता से उतरती ही नहीं सोच से पूरी कायनात भी फीकी…

  • एंटीबायोटिक से बचें | Kavita

      एंटीबायोटिक से बचें ******* शहद को एंटीबायोटिक से ज्यादा बेहतर बताया गया है, आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विद्वानों ने इसका खुलासा किया है। यदि सर्दी खांसी ज़ुकाम हो! तो एंटीबायोटिक के बदले बुजुर्गो के सुझाए, सदियों पुराने नुस्खे ही आजमाएं ‌। जी हां, जी हां सही समझा आपने, शहद का ही इस्तेमाल करें। दिन में…

  • बड़ी बेटी | Badi Beti

    बड़ी बेटी ( Badi beti )    घर की बड़ी बेटी अक्सर वक्त से पहले ही बड़ी हो जाती है। पापा के सर का ताज बनने के लिए अपने पैरो पर खड़ी हो जाती है। मां की सखी, पापा का मान, इन दोनो का ये बनती अभिमान। मार खाने की बारी भी सबसे पहले इसकी…

  • बेशर्मी का रोग | Besharmi ka Rog

    बेशर्मी का रोग ( Besharmi ka rog ) कैकयी संग भरत के, बदल गए अहसास। भाई ही अब चाहता, भाई का वनवास।। सदा समय है खेलता, स्वयं समय का खेल। सौरभ सब बेकार हैं, कोशिशें और मेल।। फोन करें बस काम से, यूं ना पूछे हाल। बोलो कब तक हम रखें, सौरभ उनका ख्याल।। जिन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *