Vyavhar

व्यवहार | Vyavhar

व्यवहार

( Vyavhar )

 

आपका व्यवहार ही
करता है निर्माण आपके चरित्र का
डिग्रियां और ओहदे तो केवल
आपकी पहचान भर ही कराते हैं

व्यावहारिकता को
किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं होती
उसे तो आपके
संस्कार ही प्रमाणित करते हैं
और वे केवल आपको ही नहीं बल्कि
आपके खानदान की गुणवत्ता के भी परिचायक होते हैं

समाज में बैठने की जगह
जितना व्यवहार बना देता है
उतनी शक्ति किसी और में भी नहीं होती

आपकी सारी शक्तियां तो
दिमाग की ताकत ही पैदा करती हैं
किंतु व्यवहार आपको
लोगों के दिलों तक पहुचाता है

आप रहे या ना रहे
किंतु व्यवहार ही
आपको मरने के बाद भी जिंदा रखता है
अच्छे से अच्छे प्रमाण की भूमिका में
एक प्रेरणा स्रोत की तरह..

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

बता दो | Bata Do

Similar Posts

  • दबे पैर | Kavita dabe pair

    दबे पैर ( Dabe pair )   वो दबे पैर अंदर आयी जैसे बंद कमरों में ठंड की एक लहर चुपके से आ जाया करती है और बदल गयी सारे रंग मेरे जीवन के, जैसे पहली बारिश धरा को बदल ज़ाया करती है अंकुर फूटे भावनाओं के और मदिरा सी मस्ती छा गयी कुछ ना…

  • डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक

    डॉ. वनीता की मूल पंजाबी सात कविताएँ अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक साहित्य शिरोमणि पुरस्कार विजेता डॉ. वनीता पंजाबी भाषा की सशक्त हस्ताक्षर हैं। उनकी हृदय-स्पर्शी कविताएँ पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं और कुछ नया सोचने के लिए विवश करती हैं। उनकी कविताओं में संवेदनशीलता और गहरी सोच की झलक, नारी सशक्तिकरण, प्रेम…

  • जमाना आजकल | Jamana Aaj Kal

    जमाना आजकल ( Jamana Aaj Kal )   जमाना आजकल बदल रहा है, जो कल था,वह आज नहीं रहा है हो रहा है, नित नया प्रयास हर रोज बंध जाती है, जीने की आस l कैसा बीत रहा है आज कल की खबर नहीं क्या होगा कल आज जी को मस्ती भरे नगमे गा लो…

  • प्रेमसिंह सोलंकी जी

    प्रेमसिंह सोलंकी जी ( स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व विधायक ) हमारे आदर्श आदरणीय श्री प्रेमसिंह सोलंकी जी,जनता के बीच में जन _जन के नायक थे।समाज सेवी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,राजनीति के धुरंधर विधायक थे।। तारीख 15 जुलाई सन 1913 को स्थानपटेल फलिया, समोई, मध्यप्रदेश मेंपिता श्री बापुजी सोलंकी.जीबालक बन कर जन्म लिए घर परिवार…

  • गाँव अराॅंई | Gaon Arai par Kavita

    गाँव अराॅंई ( Gaon Arai )   एक कहावत बहुत ही पुरानी, बावन फोर्ट छप्पन दरवाजा। आभा नगरी चन्दवा था राजा, जो था गाँव अराँई का राजा।। वीर बहादूर और बलशाली, सेना जिसकी करें रखवाली। धन- धान्य से गाँव था सम्पन्न, हीरे और मोती नही थें कम।। कहते है यहाँ धन था अपार, सुख सम्पन्न…

  • लोहड़ी आई रे

    लोहड़ी आई रे लोहड़ी आईसभी जनों बधाईहर्ष उल्लास गाना बजानाखान पान संग होपंजाबी गीत। खूब जलेगीफुले रेवड़ी अग्नि मेंअर्पित होंगे। नाचेंगे सारेमहफिल सजेगीआग के बीच। मुबारक होनव जोड़ो लोहड़ीकी सौगात हो। खुशियों डेराजात पात का भेदमिटाना आज। लोहड़ी आईसुंदरी मुंदरी केगीत गायेगे। लता सेन इंदौर ( मध्य प्रदेश ) यह भी पढ़ें :-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *