अबसे | Abse

अबसे

( Abse )

अबसे मैं नही सताऊं गा तुझ को
तुझ से प्यार सिखाऊंगा खुद को

सास रूकसी गई जबसे सोचा था
अब उनसे दूर लेजाऊंगा खुद को

हिचकीयो ने आना बंद कर दिया है
पर में कभी ना भुलाऊगा तुझको

एक आरजू है मेरी तू वापस आए
फिर मैं दिल मे बसाउगा तुझ को

आज जो मुझे जुगनू समझ रहें है
उनसे ही सूरज बुलवाउगा खुद को

ये जो तारीफ के पुल बांध रहे हैं
गुलफाम इनसे ही बचाएगा तुझको

फिर तू मुझे याद रख या भुला दे
मैं तो जान सरपर बिठाऊंगा तुझको

डॉ. एमडी गुलफाम
पता : सरधना मेरठ उत्तर प्रदेश

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • मर जायेगा | Ghazal Mar Jayega

    मर जायेगा ( Mar Jayega )   तू जो छोड़ेगा तो बेमौत ही मर जायेगा शाख से टूट के पत्ता ये किधर जायेगा। उसके वादे का क्या है वो तो करेगा लेकिन ऐन वो वक्त पे वादे से मुकर जायेगा। इन दिनों ही है खुली उसकी हकीक़त मुझ पे लग रहा अब वो मेरे दिल…

  • ज़मीरों की तिज़ारत | Zamiron ki Tijarat

    ज़मीरों की तिज़ारत ( Zamiron ki tijarat )   कुछ लोग ज़मीरों की तिज़ारत नहीं करते रंजिश में रक़ीबों की ख़िलाफ़त नहीं करते। ये दौर ज़रा फ़र्क ज़रा अजनबी सा है मतलब न हो तो लोग मुहब्बत नहीं करते। है फ़ितरतों में अपनी वफ़ा और अकीदत हम दोस्ती में यार सियासत नहीं करते। कब तक…

  • क्यों रहे कोई भी ईज़ा मोजूद

    क्यों रहे कोई भी ईज़ा मोजूद क्यों रहे कोई भी ईज़ा मोजूद।जब मसीह़ा है हमारा मोजूद। वो ही रहता है हमेशा दिल में।अ़क्स आंखों में है उसका मोजूद। दिन भी दिन सा न लगेगा यारो।दिल में जब तक है अंधेरा मोजूद। इश्क़ ज़िन्दा है जहां में जब तक।हुस्न तब तक है जहां का मोजूद। जिससे…

  • बज़्म को अब न आज़माओ तुम

    बज़्म को अब न आज़माओ तुम बज़्म को अब न आज़माओ तुमशेरों में कुछ नया सुनाओ तुम बिन तेरे हम न जी सकेंगे अबदूर नज़रों से यूँ न जाओ तुम वो भी बेटी किसी के है घर कीअब न दुल्हन कोई जलाओ तुम अम्न का दीप है जलाया जबये अदावत भी अब मिटाओ तुम हो…

  • पगडंडियाँ | Ghazal Pagdandiya

    पगडंडियाँ ( Pagdandiya )   जिनके पांव जिंदगी के पगडंडियों पर नहीं चलते राहें राजमहल का ख्वाब सब्जबाग जैसा उन्हें दिखता जिनके सपने धरा की धूलों को नहीं फांकते साकार नामुमकिन सा उन्हें हो जाता है जिन्दगानी में समर की इबारत न लिखी जरा सुहाने सफर की कल्पना थोती रह जाती है मुस्कान की अरमान…

  • हम सावन न भूले | Ham Sawan na Bhoole

    हम सावन न भूले ( Ham sawan na bhoole)    छन्नी कभी तक वो तन न भूले वो ग़म भरा हम सावन न भूले बदला तुझी से लेंगे अदू हम उजड़ा कभी तक गुलशन न भूले सैनिक तुझे मारेगा किसी दिन औक़ात अभी वो दुश्मन न भूले गिनकर अदू लेंगे तुझसे बदला वो खू भरा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *