Ajmer par kavita

अजमेर | Ajmer par kavita

अजमेर

( Ajmer )

 

में हूँ एक जिला-अजमेर,
राजस्थान का नम्बर एक।
अजयराज ने मुझको बसाया,
चौहान का फैला दूर तक साया।।

जो था एक महान शासक,
बुद्धिमान और वो ताकतवर।
हाथी-घोड़े, धन-सम्पदा अपार,
जिसका डंका बजता दरबार।।

चारों तरफ अरावली पहाड़,
झीलें और मनमोहक ये पार्क।
क्या बताएं हम यहाँ का वर्तान्त,
छटा बिखरे प्रकृति दिन-रात।।

अढ़ाई दिन का झोपड़ा यहां,
जैन मन्दिर, सोनी की नसियां।
तारागढ़ एवम् पृथ्वीराज स्मारक,
साई बाबा मंदिर, सांभर की झील।।

ख्वाजा शरीफ़ की दरगाह यहां,
विश्व एक मात्र ब्रह्मा मन्दिर यहां।
देश और विदेश से आतें यहां लोग,
सैर-सपाटा करके जातें है लोग।।

मंदिर मस्जिद चर्च यहां अपार,
गुरूद्वारा भी है यहां पर भरमार।
स्कूल कॉलेज और युनिवर्सिटी ढ़ेर,
छूटा नही यहां ऑफिस कोई और।।

शिक्षा का बोर्ड ऑफिस है यहां,
मेयो कॉलेज व सग्रांहलय भी यहां।
एयरपोर्ट नजदीक यहां किशनगढ़,
मार्बल नगरी कहलाता किशनगढ़।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

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