ए ज़िन्दगी! | Aye Zindagi
ए ज़िन्दगी!
( Aye Zindagi )
उसे
चुन
लिया
जिसे
चाहा
नहीं
था
कभी…..
मुझे
मुआफ़
कर
ए ज़िन्दगी!

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

( Aye Zindagi )
उसे
चुन
लिया
जिसे
चाहा
नहीं
था
कभी…..
मुझे
मुआफ़
कर
ए ज़िन्दगी!

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

बांहों में ( Bahon mein ) धरा गगन से कह रही लो आ गया मधुमास प्रियतम ले लो बाहों में मदमाता बसंत खास लिपट लता सी प्रीत भरे कुदरत करती श्रंगार आलिंगन आतुर सरिताये चली सिंधु के द्वार दीपक बाती का मिलन जग रोशन हो सारा प्रेम की रसधार बहती ऐसा हो…

व्यवहार ( Vyavahar ) बातों से ही तो बढ़ेंगी अपनी बातें हाथों से हि हाथ मिलेंगे तब हमारे तन्हा कटता नहीं सफ़र जिंदगी का रास्ते हि तो बनते हैं रास्तों के सहारे दोस्त न मिले तो दुश्मनों से मिलो, रंजिशें भूलके उनके ही गले मिलो, गर तुम्हें कोई हमदर्द ना मिल सके, तो तुम्हीं…

हे प्रभु राम! ( Hey Prabhu Ram ) तुमको मेरे प्राण पुकारें। अंतस्तल की आकुलता को देख रहे हैं नभ के तारे। निविड़ निशा की नीरवता में, हे प्रभु! तुमको प्राण पुकारें। सब कुछ सूना सा लगता है। प्रतिपल व्यथा भाव जगता है। कोई दस्यु सदृश ठगता है। हे प्रभु राम! तुमको मेरे प्राण…

जीवन ही कुछ ऐसा है ( Jeevan hi kuch aisa hai ) जीवन ही कुछ ऐसा है समझो दुःख के जैसा है सोंचते हो सुख है जीवन कभी नही यह वैसा है। देख ले पापा का जीवन जीना सुबहो शाम तक, कैसे कैसे खोजते सुख खेत से खलियान तक। पेड़ ना फलता…

धरती ( Dharti ) धरा मुस्कुराई गगन मुस्कुराया। खिल गए चेहरे चमन हरसाया। बहती बहारों में खुशबू यू आई। धरती पर चांद उतरकर आया। धरती अंबर चांद सितारे। हिल मिलकर रहते सारे। वीर तिलक करके माटी का। पूजे माता चरण तुम्हारे। कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन नवलगढ़ जिला झुंझुनू ( राजस्थान ) यह…

तारक मेहता का उल्टा चश्मा °°°°°° –> ऐपिसोड हुए 3000 अभी, आगे भी होने बांकी हैं |?| 1.निश दिन नूतन संदेशा लाते, खुद हँसते और हंसाते हैं | अलग-अलग है कल्चर फिर भी, संग-संग रोते-गाते हैं | गोकुल धाम केे सब हीरे-मोती, एक धागे मे पिरोये हैं | उदासी मे खुशियां…
Dr. Jaspreet Kaur “Falak” ji ka ‘ Andaaj e bayan ‘ sabse juda sa hai.Dil ki gehrai se unhone lafjon ko chua toh hai.
Navin Sharma ‘tanha’. Ludhiana.