व्यवहार | Hindi Poem Vyavahar

व्यवहार

( Vyavahar )

 

बातों से ही तो बढ़ेंगी अपनी बातें
हाथों से हि हाथ मिलेंगे तब हमारे
तन्हा कटता नहीं सफ़र जिंदगी का
रास्ते हि तो बनते हैं रास्तों के सहारे

दोस्त न मिले तो दुश्मनों से मिलो,
रंजिशें भूलके उनके ही गले मिलो,
गर तुम्हें कोई हमदर्द ना मिल सके,
तो तुम्हीं किसी हमदर्द बनके मिलो,

अपने व्यवहार में शालीनता लाओ,
लफ़्ज़ों की खुशबू हर ओर फैलाओ,
कोई भांप न ले इस दिल का हाल,
होंठों पे अपनी मुस्कान ले लाओ

तारों की चमक कभी कम नहीं होती,
चाँद की शीतलता कभी थम नहीं जाती,
अपने हुनर को हरदम आज़माया करो,
बेकार कभी सच्ची मेहनत नहीं जाती।

Aash Hamd

आश हम्द

पटना ( बिहार )

यह भी पढ़ें :-

मुस्तकिल अंधेरा | Mustaqil Andhera

Similar Posts

  • होना संवाद जरूरी | kavita

    होना संवाद जरूरी ( Hona samvad jaroori )   घटा प्रेम की सबके दिल मे लबों पर मुस्काने छाई हो अटूट प्रेम के रिश्तो में भाव मधुरता आई हो अपनापन परिवार में जो राष्ट्र प्रेम की धूरी है दिल में जगह बनाने को होना संवाद जरूरी है   जो रूठे हो उन्हें मनाए भटके को…

  • मृत्यु तुल्य विश्वास | Kavita Mrityu Tulya Vishwas

    मृत्यु तुल्य विश्वास ( Mrityu Tulya Vishwas ) मृत्यु तुल्य विश्वास पड़ा है ,संजीवन पिलवाओ । रजनी के माथे पर कोई ,फिर बिंदिया चमकाओ।। तुम्हीं शिवा राणा लक्ष्मी हो ,और जवाहर गाँधी । तुमने ही मोड़ी थी बढ़कर ,काल चक्र की आँधी । अर्जुन जैसा आज यहाँ पर , तुम गाण्डीव उठाओ ।। मृत्यु तुल्य…

  • ख्वाब और हकीकत | Poem khwab aur haqeeqat

    ख्वाब और हकीकत ( Khwab aur haqeeqat )   अब ख्वाबों में नहीं  हकीकत जीता हूं यारों,        ख्वाब सूर्य पकड़ा        हकीकत जुगनू…. ख्वाब समुद्र में डुबकी लगाया हकीकत तालाब …..         अब ख्वाबों में नहीं         हकीकत जीता हूं यारों, ख्वाब  ईश्वर, पवन…

  • सभी के लिए | Sabhi ke Liye

    सभी के लिए ( Sabhi ke Liye )   चमकना है अगर जीवन में तो हर ताप को सहना होगा कहीं राम को श्याम, तो कहीं श्याम को राम कहना होगा जीवन पथ पर चलना होगा मौसम में भी हर मौसम है शामिल युग में भी हर युग के कर्म हैं दया ,धर्म ,क्षमता ,आतंक…

  • रंग | Daisy Chain Poem in Hindi

    रंग ( Rang )    विधा: डेजी चैन   रंग रंगीला फागुन आया आया मधुमास महकता महकता रहा चमन सारा सारा समां झूमा खुशियां पा पा लेना मुस्कानों के मोती मोती से शब्द अनमोल अनमोल है बड़ों का प्यार प्यार भरे दो बोल मीठे मीठे मीठे रसीले गाल गोरी तेरे तेरे संग खेलूं सजनी होली…

  • शाम के बाद | Shaam ke Baad

    शाम के बाद ( Shaam ke Baad )   हर शाम के बाद फकत अंधेरा ही नहीं होता पूनम का उजाला और प्रभात का भोर भी होता है आप बस सफर तय करते रहिए ठहर जाने पर दूरी तय नहीं होती भटक कर भी राह मिल ही जाती है लोग मिल ही जाते हैं मुकाम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *