बाढ़ विभीषिका

बाढ़ विभीषिका | Baadh Vibhishika

बाढ़ विभीषिका

( Baadh Vibhishika )

नदी उफान~
बाढ़ की विभीषिका
डूबे मकान

मूसलाधार~
झुग्गी-झोपड़ियों का
कहाँ आधार

हुई है भूल~
ताश के पत्तों जैसा
ढहता पुल

जीवन त्रस्त~
अथाह जल राशि
हौसले पस्त

हे!कद्रदान~
नदी से नदी जोड़ो
है समाधान

—————
निर्मल जैन ‘नीर’
ऋषभदेव/राजस्थान

यह भी पढ़ें :-

गौरी नन्दन | Gauri Nandan

Similar Posts

  • भाषा है हिंदी | Bhasha hai Hindi

    भाषा है हिंदी ( Bhasha hai hindi ) करो वंदन~मातृ भाषा हिंदी काअभिनंदन•हिंदी दिवस~विश्व पटल परफैले सुयश•माथे की बिंदी~देवनागरी लिपिभाषा है हिंदी•प्रभु भजन~लोरी शेरो शायरीहिंदी गज़ल•हिंदी पे नाज़~हर दिल अज़ीजसिर का ताज़•जगाती प्रीत~सप्त सुरों में गूँजेगीत-संगीत•हिंदी है शान~हिंदुस्तानियों का हैये अभिमान•शुभकामना~हिंदी हो राष्ट्र भाषायही भावना• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • बेटियां : हाइकु

    बेटियां बेटी का धन,लक्ष्मी, विद्या, पार्वती,जैसा है मन।।१।। धान सी फलें,परिवार की जड़,फूल सी खिले ।।२।। बेटी चहके,घर आँगन ज्योंपुष्प महके ।।३।। ईश सजीव,बेटियां होती है,जग की नींव ।।४।। बिछा के मन,बेटियों बना देती,मकाँ को घर।।5।। बेटी की छाँव,जहां पड़ते पाँव,स्वर्ग सी ठाँव ।।6।। कैसा भी दौर,बिटियाँ के हाथों में,जग की डोर ।।7।। डी के…

  • चाय पर : हाइकु

    चाय ( Chai )    गरमाहट लाती हैं चुस्कियां गर्म चाय की ।। बातें भी होती गरमा गर्म चाय के साथ सभी ।। कुछ पुरानी कुछ नई बाते हैं, मुलाकाते हैं ।। सबको बुलाए आओ चाय बनाएं ताजा हो जाएं।। पकौड़े साथ मसाला वाली चाय आज हो जाएं।। किस्से सुनाते, विसराए पल भी , हाँ…

  • गणेश विसर्जन | Ganesh Visarjan

    गणेश विसर्जन ( Ganesh Visarjan ) माथ चन्दन~गणेश विसर्जनकोटि वंदन●शुभभावना~अनन्त चतुर्दशीपूर्ण कामना●धर्म में वृद्धि~घर-घर में शांतिसुख समृद्धि●मंगल मूर्ति~हे! गणपति बप्पादो हमें स्फूर्ति●मन में हर्ष~हे! बप्पा जल्दी आनाअगले वर्ष● निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • माहिया | Mahiya

    माहिया ( Mahiya ) सर्दी * * * नए रंग में, जनवरी धमकी, कड़ी ठंड में!! * ठंड की धुन, बहे शीत लहर शरीर सुन्न !! * बर्फ से लदे, देवदार के पेड़ कुल्फी से लगे !! * पूस की रात, ठंडी हवाओं संग, करती बात !! * बड़ा सयाना, गले लगाए आग, जाड़ा दीवाना…

  • सुनहरे पल

    सुनहरे पल ( हाइकु ) 1 आऐ है सुनहरे पल  जीवन से ढ़ल गये ग़म  बरसा ख़ुशी का जल   2 दें आया फूल उसे कल प्यार में उसके मेरा दिल हुआ चंचल 3 हो गयी दिल में हलचल प्यार की मेरे देखा ऐसा चेहरा कल   4 किसी को पाने को लिए रात दिन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *