Bahon Mein Jab

बाहों में जब वो आएंगे | Bahon Mein Jab

बाहों में जब वो आएंगे

( Bahon mein jab bahon woh aayenge )

बाहों में जब वो आएंगे।
ग़म ख़ुशियों में ढल जाएंगे।

याद उन्हें जब आएंगे हम।
मन ही मन वो मुस्काएंगे।

अ़र्ज़ -ए-तमन्ना पर वो हमारी।
ग़ौर कभी तो फ़रमाएंगे।

रह-रह कर यूं दिल वो हमारा।
देखें कब तक तड़पाएंगे।

इक दिन ऐसा भी आएगा।
गीत हमारे सब गाएंगे।

आएगा जब वक़्त हमारा।
मन्ज़िल अपनी हम पाएंगे।

आओ फ़राज़ अब उनसे पूछें।
कब तक वो यूं शर्माएंगे।

सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़

पीपलसानवी

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