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बिता दशहरा | Bita Dussehra

बिता दशहरा

( Bita Dussehra )

नव दिन नवमी बीती दशहरा बीत गया
दस दिन में एक शब्द न लिख पाया।

असुरों का वध कर देवों को भय मुक्त किया
महिषासुरमर्दिनी रक्तबीज का खून पिया।

हे माता रानी चरण वंदन अभिनन्दन
दुनिया दारी में बहुत कुछ छूट गया।

वर दे वरदायिनी जगत कल्याणी
छुट जाएं काम क्रोध मद लोभ।

रहे मान न हो अभिमान मिले सम्मान
सुख शांति समृद्धि को मिले स्थान।

चरण में दे स्थान दिल में भक्ति विश्वास
हे मां जगदम्बे अन्य किसी से नहीं आश।

नरेन्द्र की बस इतनी अभिलाषा
हस्त रखो शीश पर टूटने न देना आशा।

नरेन्द्र कुमार
बचरी (तापा) अखगाॅंव, संदेश, भोजपुर (आरा),  बिहार- 802161

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