भड़ास | व्यंग्य रचना

भड़ास ( Bhadaas ) कंगाल देश को, खंगाल रहा हूं! माल और मलाई, खा गए मुर्गे! हाथ मेरे, कुछ न आया,, तो क्या करूं? खोटा सिक्का, उछाल रहा हूं! कंगाल देश को, खंगाल रहा हूं! लूटकर भरी...

मरघट की ओर | Marghat ki Or

मरघट की ओर ( व्यंग्य रचना ) बज उठा, चुनावी बिगुल! निकल पड़े हैं मदारी, खेल दिखाने! बहलाने, फुसलाने, रिझाने, बहकाने! उज्जवल ------ अपना भाग्य बनाने! जनता का दु:ख -दर्द, जानकर भी, बनते हैं जो अनजाने! आओ...

बापू का हिन्दुस्तान | व्यंग्य रचना

बापू का हिन्दुस्तान   गंदगी से व्याप्त एक गांव में एक मंत्री का था दौरा! उनका पी.ए वहां पहुंचा दौड़ा -दौड़ा! गांव के प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जगाया! और उन्हें -----और उन्हें मंत्रीजी...

अधिकारी | व्यंग्य रचना

अधिकारी  ( Adhikari )    अधिकारी देश की ला-इलाज बीमारी! काम नहीं कौड़ी का पगार चाहिए ढेर सारी! मिली-भगत से इनके ही भ्रष्टाचार है जारी! हर तरफ यही नज़ारा है कोई भी हो विभाग सरकारी! छोड़ दे, छोड़ दे धन...

हास्य भरी प्रेम कहानी | Hasya Vyang

हास्य भरी प्रेम कहानी ( Hasya bhari prem kahani )    नाम था रमीला प्यार से कहता था रम्मी, कल पता चला वो है तीन बच्चों की मम्मी। छोटे...

दंगों की जांच | Vyang Dangon ki Janch

दंगों की जांच ( Dangon ki janch )    शहर में मुख्य रूप से दो धार्मिक समूह थे। इन दोनो के अलावा दोनो में एक समूह शरारती...

आध्यात्मिक गुरु का इंटरव्यू | Vyang adhyatmik guru ka interview

आध्यात्मिक गुरु का इंटरव्यू ( Adhyatmik guru ka interview )   गुरू ने मेकअप करने में 2 घंटे लगा दिये वे जब फ्रेम में आये तो उन्होने...

जल ही जल | Vyang jal hi jal

जल ही जल ( Jal hi jal ) जल की ना पूछो भैया। आजकल तो बहुत जला रहा है। मर कर जलना तो सुना थाl या...

अथ वार्तालाप खबर एवं सम्वाददाता | Hindi mein satire

अथ वार्तालाप खबर एवं सम्वाददाता   वह खबर संवाददाता के पीछे पड़ी हुई थी और सम्वाददाता उससे पीछा छुड़ाकर भाग रहा था। आखिर कार उस खबर...

घसीटा और अन्न संकट | Hindi satire

घसीटा और अन्न संकट पत्रकार समाज के लिये प्रतिबद्ध था। उसे पत्रकार वार्ता के लिये मंत्री जी ने बुलवाया था। वह केमरा मेन लेकर चला...