रिश्ते प्यार के | Rishtey Pyaar Ke
रिश्ते प्यार के ( Rishtey Pyaar Ke ) जबकोई रूठतारिश्ते प्यार केसलीके सेनिभाता•रिश्तेहैं अनमोलसंभाल कर रखोक्यों लगातेमोल•बहुततीखी धारकोई नहीं बचारिश्तों कीमार• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-
रिश्ते प्यार के ( Rishtey Pyaar Ke ) जबकोई रूठतारिश्ते प्यार केसलीके सेनिभाता•रिश्तेहैं अनमोलसंभाल कर रखोक्यों लगातेमोल•बहुततीखी धारकोई नहीं बचारिश्तों कीमार• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-
बेटी मेरी परछाई ( Beti Meri Parchai ) नन्ही बिटिया जब घर आई,खुशियों की गूंजी शहनाई,सब ने बोला देखो मुखड़ा,ये तो है माँ की परछाई, भोली सूरत, चंचल आँखें,जैसे बादल से चंदा झाँके,नीद मे उसने ली अँगड़ाई,सचमुच, बेटी मेरी परछाई, किलकारी जब वो लेती है,जैसे मुझसे वो कहती है,मै बस तेरे लिए ही आई,सचमुच, बेटी…
आपसे सर्वस्व मेरा ( Aapse Sarvasya Mera ) आप सर्वस्व मेरे,आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप मेरे प्राण धन हैं।आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है। हे प्राणनाथ, मेरे प्राणेश्वर!बलिहारी नित मैं आप पर।आपका श्री चरण मेरा घर।चरण कमल का भौंरा यह मन है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप…
जीवन की रफ्तार है बेटी ( Jeevan ki Raftaar Hai Beti ) बाबा के बीमार मन काउपचार ..माँ के दिल की धड़कनजीवन की रफ्तार है बेटीजीवन की रफ्तार है बेटीशांत समंदर हैसमय पड़ने परम्यान से निकलती हुई तलवार है बेटीरानी दुर्गावती ,पद्मावती , लक्ष्मीबाई का स्वप्न साकार हैं बेटी..कलम की आवाज हैसाहित्यकार, कलमकार, अभिनेता राजनेता…
एक अनमोल रत्न है बिटियाखुशियों की सौगात है बिटिया सुबह की पहली किरण है बिटियाघर आंगन महकाती है बिटिया मां की परछाई होती है बिटियादो परिवारों का मान बढ़ाती है बिटिया सबके मुकद्दर में कहां होती है बिटियामाता-पिता का दुख समझती है बिटिया थोड़ी नटखट थोड़ी शैतान होती है बिटियासंस्कार और शिक्षा से समाज को…
सुना था ( Suna Tha ) ( बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ) सुना था बचपन में हमने एक छोटा सा राजकुमार आएगा सुनहरे घोड़े पर बिठाकर अपने महलों में ले जाएगा सुना था हमने दादी के मुंह मैं हूं एक छोटी सी राजकुमारी कहते कहते गले लगाकर मुझे सुनाती एक कहानी सपने देखे थे…
ज़िन्दगी मुश्किल तो है ज़िन्दगी, मुश्किल तो है ।पर मुश्किल का ,कोई हल भी तो है ।सफ़र है बहुत लम्बा,पर कहीं मंज़िल तो है ।विघ्नों से ना डरा कर,बेख़ौफ़ सामना कर ।कर लेगा पार नौका,ना छोड़ना तू मौका ।हर मुश्किल दूर होगी,फिर सुख की सुबह होगी ।हां ज़िन्दगी कठिन है,पर ऐसा थोड़े दिन है ।यह…
कविता का सच ( Kavita ka Sach ) सुनो, कविता काएक सच सुनोजब सारे चौकन्नेझूठ सोते है,तब शर्मीली-सीसच्चाइयाँ कवितामेंअंकुरित होजागती है।जब हमारी मिली-जुलीइच्छाएँ हारनेलगती हैतो वे हुनर कीशरण ले लेती हैं।तुम्हारी स्मृतियाँमुँह लटकायेघर की दरों-दीवारपर आ बैठती है।वहाँ उसेदेहरहित उपस्थिति केस्वादिष्टदिलासे नही पसन्दजहाँ शाखाओं कीजड़े पेड़ के भीतरफूटती हैवहाँ प्रेम कीशाखाएँस्मृतियों के भीतरजा फूटती है।मिठास…
रानी लक्ष्मी नही थी कोई लोहे पत्थर से निर्मितनही थी राज भोग विलास तक सीमितनही थी कोई देव नाग कन्याथी सामान्य परिवार की सुकन्याजीवन कर्म अग्नि पथ की धन्याजीती थी अपने जुनून सेसीने से बांध लाल को रंगी खून सेजिद थी जीते जी ना हरगिज हारूँगीचांहे कुछ भी हो पर पर आजादी के सपनों को…
दस्तूर ( Dastoor ) दस्तूर दुनिया का ,निभाना पड़ता है ।अनचाहे ही सही ,सब सह जाना पड़ता है ।सच को ही हमेशा ,हमें छुपाना पड़ता है ।वक्त तो चलता जाता ,हमें रूक जाना पड़ता है ।बिना प्रेम के भी कभी ,रिश्ता निभाना पड़ता है ।आते हैं दुनिया में तो ,जीकर जाना पड़ता है ।जज्बातों को…