कविताएँ

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) द्वितीय दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) द्वितीय दिवस माता पर आस्था का सुखद सौपान हैं ।भुवाल माता पर विश्वास , आस्था ,श्रद्धा ,अनाशक्त साधना का पहला सौपान हैं ।मन की मजबूरियों का यही तो निदान हैं ।उजला बनाती मन को आस्था की धाराभटकते पथिक को मिलता माताके स्मरण से शीघ्र किनाराअपने से होती अपनी हो होअपने…

  • अब लगेगा स्टार तुम्हारे | Ab Lagega Star Tumhare

    अब लगेगा स्टार तुम्हारे ( Ab Lagega Star Tumhare ) रख हौंसला वीर जवान ग़म के दिन गुज़र जाएंगे,ख़तरो के मंडराते हुए यह बादल भी टल जाएंगे। पसीना बहाना रक्त बचाना अच्छे दिन भी आएंगे,जब लगेगा स्टार तुम्हारे लोग तालियां बजाएंगे।। इन ऑंसुओं को पीते पीते तुमने वर्षों गुज़ार दिए,बस बहुत हो गयी नौकरी फिर…

  • आओ प्यार करें | Aao Pyaar Karen

    आओ प्यार करें ( Aao Pyaar Karen ) आओ प्यार करें,गुलों को हार करें,रूठें इक दूजे से,और मनुहार करें, बीते जो दिनमान,उनको याद करें,आने वाले पल का,स्वागत इंतजार करें,आओ प्यार करें। आभा गुप्ताइंदौर (म. प्र.) यह भी पढ़ें :-

  • नवरात्रि पर्व (अश्विन )

    नवरात्रि पर्व (अश्विन ) भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।यह निश्छल ,अविरल , अपलक है ।यह सत्यं-शिवं -सुन्दरं क्षेमंकर हैं ।यह आत्म पथ फलदायी सुखकर है ।भुवाल माता का स्मरण सदा सुखदायी है ।भुवाल माता पर आस्था अम्बर हैं ।जब तक रहता है नील गगन में तारातब तक छविमान दिखता लगता प्याराजब अपने उच्च…

  • सपनों की उड़ान | Sapno ki Udaan

    सपनों की उड़ान ( Sapno Ki Udaan ) सपनों की उड़ान,छू लेती ,आसमान ।करती पूरे ,अरमान ।लाती है ,ये मुस्कान ।भर देती , दिल में जान ।अलग है , इसकी शान ।अद्भुत है ,ये उड़ान ।वाह ,सपनों की उड़ान । श्रीमती प्रगति दत्तअलीगढ़ उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें :

  • हृदय | Hriday

    हृदय ( Hriday ) हृदय वक्ष में स्थित,करे तंत्र संचार।जैसा रखे विचार मानव,वैसा प्रवाहित हो ज्ञान।कहते हृदय स्वस्थ रखो,करते इसमें प्रभु निवास।यदि दुष्टता भाव रखो,न लग पाओगे पार।नित योग, व्यायाम करो,निर्मल भाव सदा रखो।हृदय नियंत्रण तन करे,रक्त को शुद्ध करे।बिना रुके, बिना थके,हृदय प्रक्रिया जारी रखे।सागर की लहरों जैसी,तरंगे उठती इसमें वैसी।प्रेमियों की धड़कन हृदय,प्रकट…

  • खुद की खुद से मुलाकात

    खुद की खुद से मुलाकात जिंदगी की शाम से पहले खुद से खुद की मुलाकात बाकी है । इंतजार और नहीं फुर्सत के दो पल निकालना अभी बाकी है। आईने के सामने रोज आती हूं खुद को सजाना संवारना बाकी है । दिल को ख्वाहिश नहीं कोई ऐसा मिले जो मुझे समझ सके। अब तो…

  • प्रगति दत्त | Tere Sahare

    तेरे सहारे ( Tere sahare ) सबके जीवन, तेरे सहारे ।सबकी नैया , तू ही संभाले । हे ईश्वर, सब कुछ तेरे सहारे ।संकट से , तू ही तो उबारे । सबकी बिगड़ी , को तू बना दे ।भव सागर से, तू ही बस तारे । अपना सब, है तेरे सहारे ।दूर कर अब, तनाव…

  • मन तू क्यूं ना माने ?

    मन तू क्यूं ना माने ? मन तू ,क्यूं ना माने ?सबको क्यूं , अपना माने । सब होते ना ,यहां अपने ।कुछ होते, हैं बेगाने । बनते हैं, बहुत ही अपने ।दिखाते, नित नए सपने । फिर एक दिन, रंग दिखाते ।उनके नकाब, गिर जाते । वो प्रेम ,कहीं खो जाता ।ढूंढ़े से,नज़र ना…

  • बढ़े सौरभ प्रज्ञान | Badhe Saurabh Pragyan

    बढ़े सौरभ प्रज्ञान ( Badhe Saurabh Pragyan ) जन्मदिन की बधाइयाँ, करें पुत्र स्वीकार।है सबकी शुभकामना, खुशियाँ मिले हजार।। बहुत-बहुत शुभकामना, तुमको प्रियवर आज।हो प्रशस्त जीवन सुखद, सुन्दर साज समाज।। जीवन भर मिलती रहें, खुशियाँ सदा अपार।मात शारदे! आपके, भरें ज्ञान भण्डार।। शुभ सरिता बहती रहे, जीवन हो सत्संग।घर आँगन खिलते रहें, प्रेम प्रीति के…