कविताएँ

  • हिन्दी के अन्तर के स्वर

    हिन्दी को भारत की राष्ट्रभाषा मान्य किये जाने के लिये १९७५ में लोकसभा में प्रस्तुत प्रस्ताव अमान्य कर दिये जाने के क्षोभ और विरोध में “हिंदी के अंतर के स्वर” शीर्षक रचना लिखी गई।१९७६ में मारीशस के द्वितीय विश्व हिंदी सम्मेलन में यह रचना प्रस्तुत हुई तो यह वहाॅं प्रशंसित और अभिनन्दित हुई।इस रचना के…

  • हिन्दी की बात | Hindi ki Baat

    हिन्दी की बात ( Hindi ki Baat ) कहने कोहम हिन्दी को बहुत मानते हैंऔर बच्चों का प्रवेशअंग्रेजी माध्यम में करवाते हैं।ओ! दोहरी मानसिकता के लोग,मातृभाषा से दूर रहकरबच्चे का विकास होगा क्या?मातृभाषा तो सहज हीहर शिशु सीख लेता है,तो हम उस बस्ते के बोझ के साथक्यों अंग्रेजी का बोझ डालें?हिन्दी को जीवन काक्यों ना…

  • मेरी हिंदी महान है | Meri Hindi Mahan Hai

    मेरी हिंदी महान है ( Meri Hindi Mahan Hai ) सारे जग में मेरी हिंदी महान है,हिंदी से ही तो मेरा यह हिंदुस्तान है।ज्ञान का भंडार है वर्णों का रूप है,हिंदी ही तो मेरी आन,बान,शान है।। हिंदी हमारी है धरोहर सारे जहान की,हिंदी से ही होती मेरी,जग ने पहचान की।हिंदी भाषा नहीं विविधता की एकता…

  • हर हाल में मुस्कुराया करें | Har Haal Mein

    हर हाल में मुस्कुराया करें हर हाल में,मुस्कुराया करें ।दुखों को, भूल जाया करें।व्यर्थ के, तनावों में ।जीवन को ना बिताया करें ।जीवन मिलता है, बस एक बार ।इसको ऐसे ना गंवाया करें ।खुशीयों का, लें आनन्द ।रंजों को , भूल जाया करें ।ईश्वर से, जो मिला है ।उस सुख को ही चलो भोगें ।अपनी…

  • युवा हैं हम | Yuva Hai Hum

    युवा हैं हम ( Yuva Hai Hum ) हम युवा हिन्दी से हिन्दुस्तान का गौरव बढायेंगे,तन मन धन से निजभाषा उन्नति का नारा लगायेंगे | अभिनंदन संस्कृति का, अभिलाषा जन-गण-मन गाते रहें,हिन्दी से हिन्दुस्तान का हर कोना-कोना सजायेंगे | हिन्दुस्तान के हम युवा, हिन्दी के केन्द्र बिन्दु हैं,अपनी ताकत से, हिन्दी का परचम,पूरे विश्व में…

  • प्रेम की भाषा हिंदी | Prem ki Bhasha

    प्रेम की भाषा हिंदी ( Prem ki Bhasha ) ज़बानो के जमघट मेंएक ज़बान है नायाबहमारी ज़बान”हिंदी”जिसमें एक लफ्ज़ केहोते हैं कई मुतादरीफ़। एक “मोहब्बत व ईश्क”कोप्यार कहो या प्रेमसुर कहो या रश्कममता कहो या प्रीतिसंस्कृति कहो रीति रिवाजनाज कहो या लाज…. यह हिन्दी हैमाथे की बिंदी है। मनजीत सिंहसहायक प्राध्यापक उर्दूकुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ( कुरुक्षेत्र…

  • हिंदी दिवस पर दोहे | Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर दोहे ( Hindi diwas par dohe ) हिन्दी दिवस मना रहे, हर दफ्तर में आज ।जो करते हर एक दिन, अंग्रेजी में काज ।। हिंदी हिंगलिश बन गई, ऐसी बदली चाल ।समय ने सब बदल दिया, देश रीत औ काल ।। हिन्दी हिन्दी सब कहें, फिर भी मिला न मान ।दुर्गत अपनी…

  • हिंदी को अपनाओ | Hindi ko Apnao

    हिंदी को अपनाओ ( Hindi ko Apnao ) बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ,हिंदी हिंदुस्तान की भाषा,हिंदुस्तानी तुम कहलाओ, लिख लो हिंदी, पढ़ लो हिंदी,हिंदी बड़ी अलबेली है,बोलो हिंदी, गा लो हिंदी,हिंदी रंग-रंगीली है,हिंदी को व्यवहार मे लाओ,हिंदी का परचम फहराओ,बच्चों हिंदी को अपनाओ,हिंदी का तुम मान बढ़ाओ, खेलो-कूदो हिंदी के संग,हिंदी सखा-सहेली…

  • वात्सल्य की प्रतिमूर्ति-हिन्दी

    वात्सल्य की प्रतिमूर्ति-हिन्दी मेरी हिन्दी, प्यारी हिन्दी।सब की है दुलारी हिन्दी। सब भाषायें दुनिया भर की,हुई समाहित हिन्दी में।पर संस्कृत है रही प्रमुख ही,अपनी प्यारी हिन्दी में। महावीर हरिश्चन्द्र आदि ने,समय समय पर अपने ढंग से,खूब संवारी अपनी हिन्दी।हर भाषा से प्यारी हिन्दी। बोलें हिन्दी में जब भी हम,मन मिश्री घुल जाती।मां सम लोकाचार सिखाती,अनुपम…

  • हिन्दी दिवस है | Hindi Diwas Hai

    हिन्दी दिवस है ( Hindi Diwas Hai ) हिंदी दिवस है क्यों हिंदी विबस हैअपने ही लोगों का मन परबस है । अपने ही लोग सब अपने ही भाईअंग्रेजी में जमकर करे सब पढ़ाई। अपने ही लोग करे जब उपेक्षाबढ़े कैसे हिन्दी बढ़े कैसे शिक्षा। हिंदी में सोते सब हिंदी में जागेफिर भी अंग्रेजी के…