दोहे

  • योग पर रचित दोहे

    योग पर रचित दोहे मन लगाकर योग करें,जीने की है कला।मजहब से ऊपर योग,होगा सबका भला। सूरज को करना नमन,ये योगों का सार।तनाव मुक्त होंगे सब,मिला हमें उपहार।। मिट जाएगी थकावट,मिलता है आराम।दुनिया की पहचान है,बने योग से काम।। वजन घटाए आपका,रोज करेंगे योग।संकल्प सबको लेना,मेरा यह अनुरोध।। करे योग – रहे निरोग,सेहत का है…

  • साग़र के दोहे

    साग़र के दोहे 1.सर्दी के आवेग से ,निकली सबकी हाय ।ऐसे में सब ने कहा ,हो जाये अब चाय ।।2.सर्दी में सूझा यही ,सबको एक उपाय।गरम गरम पिलवाइये ,साहब हमको चाय।।3.ठन्डा ,वन्डा रख दिया ,सबने आज उठाय ।सबके मन को भा रही , गरम गरम ही चाय ।।4.सर्दी में क्या पूछना , क्या है किस…

  • नववर्ष दोहे

    नववर्ष दोहे अभिनंदन सबके लिए, लाए ये नववर्ष।हर तबका फूले फले, पहुँचे नव उत्कर्ष।। आशा है नववर्ष में, किस्मत हो रंगीन।प्रेम बढ़े परिवार में, मिटे दु:ख संगीन।। नये साल में कीजिए, नया-नया कुछ काम।छोंड़ के गंदी आदतें, पहुँचो सच्चे धाम।। सदा सत्य अपनाइए, रहो झूँठ से दूर।मिले सफलता आपको, नहीं रहो मगरूर।। रखो स्वच्छ तन-मन…

  • ‘रजनी’ के दोहे | Rajni ke Dohe

    पहले जैसे अब नहीं पहले जैसे अब नहीं, घर चौबारा गेह!गली गाँव बातें कहाँ, मुस्काता वह नेह? नयन टुकटुकी बाँध कर, पथ को रहे निहार!वह रिमझिम बारिश कहाँ, गया कहाँ वह प्यार? दीपों की टिमटिम मदिर, मलिन वदन का फूल!भँवरों का गुंजन नहीं, कहाँ सरित का कूल? चित्र उकेरे भित्ति पर, याद करूँ हर बैन।बरगद…

  • मित्रता ( दोस्ती ) : Mitrata Par Dohe

    मित्रता ( दोस्ती ) उसको मित्र बनाइए ,जो ना छोड़े साथ।विपदा जब कोई पड़े, हर पल देता साथ।। स्वार्थ कोई हो नहीं, सच्चा मित्र कहाय ।विपदा में संग संग रहे, राह नई दिखलाय ।। सखा सुदामा कृष्ण की, जग में बड़ी मिसाल ।मित्र धर्म की पालना, करी बिहारी लाल।। करो उसी से मित्रता ,समझे मन…

  • ऊँ जय माँ शारदे!

    ऊँ जय माँ शारदे! 1माँ दुर्गा ममतामयी, अद्भुत है श्रृंगार।दुर्गा दुर्गविनाशिनी, भक्त करें जयकार।। 2माँ मेरी विनती सुनें, हरेन सकल संताप।वरद हस्त धर शीश पर, हृदय विराजें आप।। 3दुर्गा दुर्गति दूर कर, सुगम बनातीं राह।रोगनाशिनी तारिणी, करतीं पूरी चाह।। 4पापमोचनी कालिका, मंगलमय हैं काम।दुर्गम की संहारिणी, तब से दुर्गा नाम।। 5घट- घट वासी मातु से,…

  • हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे | Hindi Diwas Par 5 Dohe

    हिन्दी दिवस पर पाँच दोहे ( Hindi Diwas Par 5 Dohe ) हिन्दी मिश्री की डली, सरगम की झंकार।हिन्दी तो मनमोहिनी, अनुरागी संसार।। हिन्दी भाषा में सभी, कला ज्ञान-विज्ञान।सबसे पहले हम करें, इस भाषा का मान।। देवनागरी लिपि अथक, अनुपम अनश अनन्य।हिन्दी के उपकार से, कौन नहीं है धन्य।। दिशा-दिशा में हो रहा, हिन्दी का…

  • दीपिका रुखमांगद के दोहे | Deepika Rukmangad ke Dohe

    दीपिका रुखमांगद के दोहे ( Deepika Rukmangad ke Dohe ) रटती शिव का नाम हैं,रसना दिन अरु रात। सावन में मन डूबता,डूब गई है गात।। रिमझिम बरसी है घटा, बुझती धरती प्यास। सावन झूला झूलते,गौरी शंकर पास।। प्यारा लगता मास है,शिव मिलने की आस। सावन का मेला लगा, सभी भक्तों को खास।। शिव की पूजा…

  • सुशीला जोशी के दोहे | Sushila Joshi ke Dohe

    सुशीला जोशी के दोहे ( Sushila Joshi ke Dohe ) मेरा भारत देश सूरज की पहली किरण,गति ऊषा सन्देश । अंगड़ाई ले जगता,मेरा सुंदर देश ।। 1।। झरनों में जीवन बसा,नदियों में आदेश । प्रगति राह पर दौड़ता, देखो भारत देश ।। 2।। सुमन शूल का साथ ले, धर जोगी का वेश । सूर्य उजाला…

  • राम पर पाँच दोहे | Ram Dohe in Hindi

    राम पर पाँच दोहे ( Ram Par Paanch Dohe ) चाहे राजा राम हों,या वनवासी राम। उर में जन-जन के वसे,सबके ही सुख-धाम।। बल-संबल सब राम हैं, राम हमारी शक्ति। राम हमारे पूज्य हैं, राम हमारी भक्ति।। जन-जन सीखे राम से, निर्बल से अनुरक्ति। नहीं राम-सा पूज्य है, नहीं राम-सा व्यक्ति।। हुए अवतरित लोक में,किए…