Category: शेरो-शायरी
सुहानी शाम | Suhani shaam shayari
सुहानी शाम ( Suhani shaam ) दृश्य मनोरम सुंदर नजारा सुहानी शाम हो जाए उर उमंगे ले हिलोरे प्रीत पुरानी आम हो जाए ठंडी ठंडी पुरवाई हो खुशियों की बरसात हो जाए सुहानी सी प्रीत बरसे झड़ी सावन के नाम हो जाए महक जाए गुलशन सारा चेहरे पर मुस्कान मधुर नैनों में…
हर किसी पे ही उल्फ़त लुटाती रही | Ishq pe shayari
हर किसी पे ही उल्फ़त लुटाती रही ( Har kisi pe hi ulfat lutati rahi ) हर किसी पे ही उल्फ़त लुटाती रही जिंदगी प्यार के गीत गाती रही पी उसे भूलने की शराब ख़ूब है रात दिन और यादें सताती रही मुंह से बोली नहीं है कुछ भी तो मुझे…
प्यार में कोई मुझसे दग़ा कर गया | Bewafa sanam ki ghazal
प्यार में कोई मुझसे दग़ा कर गया ( Pyar mein koi mujhse daga kar gaya ) प्यार में कोई मुझसे दग़ा कर गया मैं यहां जिससे आज़म वफ़ा कर गया इसलिए दिल भरा है उदासी से यूं प्यार करने की ये दिल ख़ता कर गया तोड़कर वो रिश्ता प्यार से ही …
ऐ जिन्दगी | Zindagi Par Shayari
ऐ जिन्दगी ( Ai Zindagi ) जिंदगी हर दिन एक जंग सी लगती है, कभी पहलू में मेरे तो , कभी तेरे लगती है, कभी पास आके बैठ, तो बताए हमे कितनी बेरहम लगती है, हर दिन ये मुझसे मेरे ही जवाबो पे एक नया सवाल पूछती है, की तू तो…
खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो | Ghazal
खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो ( Khuda ki likhi koi tahreer tum ho ) खुदा की लिखी कोई तहरीर तुम हो या किसी भूले ख्वाब की ताबीर हो तुम तस्सव्वुर में आये किसी ख्याल की तदबीर हो या तकाज़ा मेरी तकदीर का हो तुम मेरी किसी तमन्ना की जैसे तासीर…
आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है | Sad ghazal
आह ग़म की रोज़ मिलती खूब है ( Aah gam ki roz milti khoob hai ) आह ग़म की रोज़ मिलती ख़ूब है! आँखें रहती रोज़ गीली ख़ूब है ए ख़ुदा भर दें ख़ुशी दिल में मेरे रहती दिल में ग़म की गाह जलती ख़ूब है नफ़रतों के ख़ंजर मारे है इतने…
दिल फिदा यूं हुआ देखते देखते | Ghazal
दिल फिदा यूं हुआ देखते देखते ( Dil fida yun hua dekhte dekhte ) दिल फ़िदा यूं हुआ देखते देखते ! बन गया आशना बोलते बोलते चाहता हूँ बने उम्रभर अब मेरा थक गया हूँ उसे सोचते सोचते प्यार का सिलसिला चल पड़ा नफ़रत की दीवारे तोड़ते तोड़ते बस गया शहर…
Bewafa shayari | ऐसा रोज़ मैं सिलसिला देखता हूँ
ऐसा रोज़ मैं सिलसिला देखता हूँ ( Aisa roz main silsila dekhta hoon ) ऐसा रोज़ मैं सिलसिला देखता हूँ ख़ुशी का बहुत रास्ता देखता हूँ बहारों में बू बेवफ़ाई की महके वफ़ा का मैं मौसम ख़फ़ा देखता हूँ नज़र आती है बेवफ़ा क्यों वो सूरत जब भी मैं ये आईना देखता …
हाँ उधर से गुलाब आ जाये | Special love Shayari
हाँ उधर से गुलाब आ जाये! ( Han udhar se gulab ajaye ) हाँ उधर से गुलाब आ जाये! प्यार का कब ज़वाब आ जाये कब तक मैं इंतिजार देखूँ रब इश्क़ की अब क़िताब आ जाये मुझको रुला गया मुहब्बत में उसकी आँखों में आब आ जाये कर गये बेवजह…
Ghazal dard bhari | दिल नहीं लगता बिना उसके यहां
दिल नहीं लगता बिना उसके यहां ( Dil nahi lagta bina uske yahaan ) मिलनें को ही जब से गया उसके यहां! दिल नहीं लगता बिना उसके यहां चाय पीकर उसके घर आया हूँ मैं कब रखना मुझको सदा उसके यहां पास बैठे थे सभी उसके घर के हाल कैसे पूछता उसके…