Category: शेरो-शायरी

  • जीवन भी अजीब मुझको मिला | Emotional sad ghazal

    जीवन भी अजीब मुझको मिला ( Jeevan bhi ajeeb mujhko mila )     जीवन भी अजीब मुझको मिला! कब अच्छा नसीब मुझको मिला   जो वफ़ा निभा सका ही नहीं बेवफ़ा हबीब मुझको मिला   हाथ  वो  मिला गया यारी का आज वो  रक़ीब मुझको मिला   दोस्ती  की  हसरत  मैं भी रखूँ कब…

  • नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी | Nafrat ghazal

    नफ़रतें देख ली है यहां हर घड़ी ( Nafraten dekh li hai yahan har ghadi )     नफ़रतें  देख  ली  है  यहां  हर  घड़ी प्यार की बारिश अब हो रवां हर घड़ी   रब फ़ूलों की ख़ुशी की कर दें बारिशें हो  रही  है  ग़मों  की ख़िज़ां हर घड़ी   है  यहां  तो  उदासी …

  • मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें | Ghazal

    मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें ( Muhabbat ka dilon mein gul khila de )     मुहब्बत का दिलों में गुल खिला दें  हवा  ऐसी  यहां  सबको  ख़ुदा  दें   गरीबों  पे  सितम  हो  जो  रहा  है ख़ुदा उन दुश्मनों का  सर झुका दें   उतरे तन से नफ़रत की धूल सबके उल्फ़त…

  • लम्हा लम्हा बिखरता सा मैं | Lamha shayari

    लम्हा लम्हा बिखरता सा मैं ( Lamha lamha bikharta sa main )     दिन के उजालों में हर सवाल पर लम्हा लम्हा बिखरता सा मैं   रात तेरी आगोश में सिमट कर पुर्जा पुर्जा समेटता सा मैं   महबूब सी लगे है , ए रात ,कभी तू मुझे  पहलू में सर रख  तेरे ,पुरसुकून…

  • प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है | Ghazal

    प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है ( Pyar ab kahan ye nayee shaam hai )   प्यार अब कहाँ ये नयी शाम है नफ़रतों की पुरानी अभी शाम है   खो न जायें अंधेरो की गलियों में हम जल्दी  चल  यार घर हो रही शाम है   याद फिर आ गया बिछड़ा साथी कोई…

  • प्यार का दिल में अपने ही आशिकाना कीजिए | Ghazal

    प्यार का दिल में अपने ही आशिकाना कीजिए ( Pyar ka dil mein apne hi aashiqana kijiye )   प्यार का दिल में अपनें ही आशिकाना कीजिए छोड़  नफ़रत  को  शुरु  ये मुस्कुराना कीजिए   छोड़ दो दिल से ख़फ़ा होना मगर अब तो ज़रा देखिए  भी  घर  शुरु  मेरे  ही  आना  कीजिए   नफ़रतों…

  • दिल की ज़मीं पर | Ghazal Dil ki Zameen par

    दिल की ज़मीं पर ( Dil ki zameen par )     दिल की ज़मीं पर अरमानों की छत डाल ख्वाबों का बिछौना दिया तो था  तुम्हें बादलों सा उड़ना हवाओं सा रवां पानियों सा बहना रास था मैं बाँध न पाई बोटी बोटी सी जो कट चुकी थी तिनका तिनका जुटाने में   लेखिका…

  • उनकी समझ में थे बहुत से | Ghazal

    उनकी समझ में थे बहुत से ( Unki samajh mein the bahut se )   उनकी समझ में थे  बहुत से  दोस्त और यार अब गिन रहे  कितने बचे हैं  और गमगुसार !!   कासिद ने खत के साथ ही मजमून भी दिया जैसे कि  म्यान से  अलग  से दे  कोई कटार !!   उस …

  • लगता है ए सनम जो चेहरा गुलाब तेरा | Romantic ghazal in Hindi font

    लगता है ए सनम जो चेहरा गुलाब तेरा ( Lagta hai ye sanam jo chehra gulab tera )     लगता है ए सनम जो चेहरा गुलाब तेरा दीवाना कर गया है दिल ये शबाब तेरा   दीदार हो जाये दिल को क़रार आ जाये देखूँ  मैं  रास्ता हर पल  ही ज़नाब तेरा   लग…

  • याद उसकी बहुत रोज़ आती रही | Yaad shayari

    याद उसकी बहुत रोज़ आती रही ( Yaad uski bahut roj aati rahi : Miss you shayari)     याद उसकी बहुत रोज़ आती रही जीस्त का साथ यूं ही निभाती रही   और मैं झेलता हर ग़म को ही गया रंग क़िस्मत अपना ही दिखाती रही   नफ़रतें झेलकर हर किसी की यहां जिंदगी…