Category: शेरो-शायरी

  • जब प्यार का गाया मैंने राग है | Ghazal

    जब प्यार का गाया मैंने राग है  ( Jab pyar ka gaya maine raag hai )   जब  प्यार  का  गाया  मैंनें  राग़  है देखो भी खिल उठा फ़ूलों का बाग़ है   की  नाम  से  तेरे  तू  देखले  सनम उल्फ़त का जल रहा दिल में चराग़ है   वो चोट दें गया दिल पे…

  • कैसे ए आज़म कहूँ अपना भला | Ghazal

    कैसे ए आज़म कहूँ अपना भला! ( Kaise E Aazam Kahun Apna Bhala )     कैसे ए आज़म कहूँ अपना भला! जब यकीं में वो दग़ा करता भला   कहता है जब दोस्त हूँ सच्चा तेरा क्यों दिखाता ग़ैर  वो चेहरा भला   एक क़ातिल है वफ़ाओ का मेरी शक्ल से  ही जो मगर…

  • जब मुहब्बत का खिला गुलशन नहीं | Ghazal Jab Muhabbat ka

    जब मुहब्बत का खिला गुलशन नहीं ( Jab muhabbat ka khila gulshan nahi )   जब मुहब्बत का खिला गुलशन नहीं मेरा  खुशियों  से  भरा  दामन नहीं   दोस्ती  में  खाए  है  कितने  दग़ा अब किसी से मेरा मिलता मन नहीं   मैं जिससे आटा मगर कुछ ख़रीद लूँ पास  मेरे  तो  बचा  ही धन…

  • तेरा होना मेरा होना | Poem Tera Hona Mera Hona

    तेरा होना मेरा होना ( Tera hona mera hona )   भ्रम सा ही तो है तेरा होना मेरा होना अनसुलझे सवालों सा तू उलझे से जवाबों सी मैं उतार जामा यह फरेब का देख फिर क्या है तू क्या हूं मैं भरा भरा सा लगे फिर भी खाली सा तू खाली खाली सी मैं…

  • रिश्तों के धागे सब तोड़ते वो रहे | Shayari On Relations

    रिश्तों के धागे सब तोड़ते वो रहे ( Rishton ke dhage sab torte wo rahe )   रिश्तों के धागे सब तोड़ते वो रहे और हम प्यार से जोड़ते वो रहे   रह गये है  हम आवाज देते यूं ही और मुंह हमसे तो मोड़ते वो रहे   प्यार के भेजते ही रहे फ़ूल हम…

  • मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका | Ghazal Mukhda Dekho

    मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका ( Mukhda dekho gulab hai jiska )   मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका हाँ उड़ा जो नकाब है जिसका   पी जाऊं मैं नशा समझकर के हुस्न लगता शराब है  जिसका   भेज रब जीस्त में उसको मेरी चेहरा जो आफ़ताब है जिसका   वो हक़ीक़त में घर आए मिलने…

  • मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते | Udasi shayari

    मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते ( Mera Dil Ro Para Dekhte Dekhte )   मेरा दिल रो पड़ा देखते देखते वो जुदा जब हुआ देखते देखते   कह सका बात दिल की नहीं उससे कुछ वो  जुदा  हो  गया  देखते  देखते   खा गया हूँ ठोकर पत्थर से नफ़रत की राह  मैं  तो  चला …

  • आज अपना हबीब है देखा | Ghazal

    आज अपना हबीब है देखा ( Aaj apna habib hai dekha )   आज  अपना  हबीब  है देखा पास किसी के करीब है देखा   मत कर इतना गरूर ख़ुद पे तू हाँ  बिगड़ते  नसीब  है  देखा   बोलते हक़ में सच के मैंनें तो आज मैंनें रकीब है देखा   है परेशां यहां तो…

  • मां | Mother’s Day Poem In Hindi

    मां ( Maa ) मेरे  गम  में  देखा  है आँख  तेरी  नम  होते  हुये , माँ मेरे हँसने पर तबस्सुम देखे तेरे लब पर खिले हुये, माँ   मेरी उम्र के साथ तेरी हर शिकन और गहराती दिखी, माँ तेरी  कमज़ोर,  पतली  काया  मुझमें दम भरती देखी, माँ   मेरी  सांस  के  साथ  हर  सांस …

  • यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां | Mother’s Day Special

    यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां ( Yaar dil ki hi magar aisi dawa maa )   यार दिल की ही मगर ऐसी दवा मां ! जिंदगी भर करती है देखो वफ़ा मां   हर वादा दिल से निभाती है हमेशा जीस्त की वो एक सच्ची आशना मां   जिंदगी तेरे बिना कुछ…