Category: शेरो-शायरी
दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी | Darde Dil Shayari
दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ( Darde dil ki nahi dawa bheji ) दर्दे दिल की नहीं दवा भेजी ! उसनें ऐसी कहा वफ़ा भेजी ख़त्म जिसकी न प्यार की हो ये बू इधर को कहा भला भेजी बेवफ़ाई की भेजी बू उसनें कब मुझे ख़ुशबू बावफ़ा भेजी बू …
कभी तो कोई बात होना चाहिये | Ghazal Kabhi to
कभी तो कोई बात होना चाहिये ( Kabhi to koi baat hona chahiye ) बाद मसरूफ ही सही , कभी तो कोई बात होना चाहिये लाख फासले हो, फिर भी ‘होने’ का एहसास होना चाहिये समझ लो हमारी ज़िद या तकाज़ा-ए-वक्त इसको मगर न कहना, मौजू-ए-गुफ्तगू भी कुछ होना चाहिये खामोश…
अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है| Husn Shayari
अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है ( Apne hi husn pe usko guroor hai ) अपनें ही हुस्न पे उसको गरूर है ! उल्टा दिमाग़ में उसके फ़ितूर है मत दो सजा इसे झूठी बेवजह मासूम ए लोगों ये बेक़सूर है है आरजू ये ही अपना बनाना उसे की मांग का…
प्यार से कब मिला है मुझे | Ghazal Pyar se
प्यार से कब मिला है मुझे ( Pyar se kab mila hai mujhe ) प्यार से कब मिला है मुझे ! नफ़रत से देखता है मुझे भूल गया शायद दिल से मगर कब वही सोचता है मुझे कब निभा वो रहा है वफ़ा वो दग़ा दें रहा है मुझे क्यों…
मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है | Dhokha Shayari
मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है ( Muhabbat me mujhe dhokha diya hai ) मुहब्बत में मुझे धोखा दिया है किसी ने दर्द ग़म ऐसा दिया है दवा करने से भी भरता नहीं ये जिगर पे जख़्म वो गहरा दिया है रुलाये याद बनकर रोज़ दिल को वफ़ाओ का सिला कैसा…
Judai Shayari | उम्र भर के लिए अजनबी हो गये
उम्र भर के लिए अजनबी हो गये ( Umar bhar ke liye ajnabi ho gaye ) उम्रभर के लिए अजनबी हो गये! हम जुदा जीवन भर ऐसे की हो गये मैं देखूँ चैन उसको नहीं मिलता है वो मेरे दिल के ही दिलकशी हो गये बजते है साज उल्फ़त के…
Nice Ghazal | कुछ भी नहीं
मरासिम अब हाँ! कुछ भी नहीं ( Maraasim ab haan! kuchh bhi nahin ) मरासिम अब हाँ! कुछ भी नहीं पर कहने से होता कुछ भी नहीं ज़ेहन और दिलका आबाई जंग है इस के बरख्श तेरा कुछ भी नहीं ज़िन्दगी है सोज़-ए-शाम-ओ-सेहर और इस के सिवा कुछ भी नहीं …
Udashi Bhari Shayari | प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया
प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया ( Pyar Me Azam Kab Wo Wafa De Gaya ) प्यार में आज़म कब वो वफ़ा दें गया इस क़दर प्यार में वो दग़ा दें गया प्यार के ही बढ़ाएं क़दम थें जिसनें हर क़दम पे वो अब फ़ासिला दें गया तोड़कर वो सगाई…
Ghazal | तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें
तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें ( Tu talkh karni mujhshe baat chhod den ) तू तल्ख़ करनी मुझसे बात छोड़ दें! करनी ग़मों की ये बरसात छोड़ दें देकर मुझे वफ़ा का नाम तू मगर मेरा कहीं न तू ये हाथ छोड़ दें तू प्यार की ख़िज़ां कर रोज़…
देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में | Ghazal
देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में ( Dekh raha hun main hansi nazare gaon mein ) देख रहा हूँ मैं हंसी यारों नज़ारें गांव में आ रही देखो गुलों की वो बहारें गांव में चाहता हूँ एक कोई तो बने साथी मेरा जो हंसी मुखड़े की देखी है कतारें…