Category: शेरो-शायरी
जब भी चाहेगा तू रूलायेगा | Ghazal
जब भी चाहेगा तू रूलायेगा ( Jab bhi chahega tu rulayega ) इससे ज्यादा भी क्या सतायेगा, जब भी चाहेगा तू रुलायेगा।। शुकून हवा का इक झोंका है, अभी आया है चला जायेगा।। नज़र मिलाके जरा बात करो, मामला तब समझ में आयेगा।। एक मुद्दत से मैं सोया ही नहीं अपनी बाहों में कब…
जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से | Ghazal
जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से ( Janm leti hai ghazal to shayari ki kokh se ) जन्म लेती है ग़ज़ल तो शाइरी की कोख से जिंदगी मिलती है जैसे जिंदगी की कोख से देखिए वरना अमीरी कब पड़फती है भूखी भूख की आहें उठती है मुफ़लिसी की कोख…
उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती | Ghazal
उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती ( Uski na jane kyon dil se yad nahi jati ) उसकी न जाने क्यूँ दिल से याद नहीं जाती ग़म की जिंदगी से ही बरसात नहीं जाती दिल से भुला दें उसको रब जो न बना मेरा यादों भरी अब तो काटी रात…
रब्ब सा तू | Poem Rabb Sa tu
रब्ब सा तू ( Rabb sa tu ) तू भ़ी है पोशीदा और वोह भी नज़र ना आये हर सांस में है तेरा नाम रग रग में वो भी समाये इक तेरा ख्याल ही दे जाये तहरीक(जुंबिश) एहसास उसस्का भी बढ़ा दे दिल की धड़कन खुदा हो जहाँ काबा होता वहां तू भी है…
आज यहां उल्फ़त की टूटी डाली है | Ghazal
आज यहां उल्फ़त की टूटी डाली है ( Aaj yahan ulfat ki tuti dali hai ) आज यहां उल्फ़त की टूटी डाली है ! नफ़रत की दिल पे आज लगी ताली है दी रोठी सब्जी आज किसी भी न मुझे यार रही अपनी तो खाली थाली है जीवन में इतने जुल्म अपनों…
रात का नशा था | Raat ka Nasha Shayari
रात का नशा था ( Raat ka nasha tha ) रात का नशा था खुमारी कुछ तन्हाई की सर चढ़ी यूँ पैमाना कोई मय सा आलम यह कैसा मैं मैं न रही तू हो गई कब रात से सुबह हो गई आलम यह कैसा सामने था जो अँधेरा वो हो गया सवेरा कुछ तेरा…
व़क्त मिले तो आँखों से आँखें मिलाना तू कभी | Ghazal
व़क्त मिले तो आँखों से आँखें मिलाना तू कभी ( Waqt mile to aankhon se aankhen milana tu kabhi ) व़क्त मिले तो आँखों से आँखें मिलाना तू कभी ! खीर खाने प्यार की तू मेरे घर आना तू कभी प्यार के तू बांटना हर शख़्स को गुल देखले साथ नफ़रत का नहीं…
न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा | Ghazal
न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा ( Na jane kyon sath wo chhodte rahe mera ) न जाने क्यों साथ वो छोड़ते रहे मेरा मुहब्बत से दिल भरा तोड़ते रहे मेरा नहीं पूछा हाले दिल भी मगर मेरा उसनें वो पास फ़ोन बैठे छेड़ते रहे मेरा गुलाब देते रहे प्यार…
बता दो सब मेरी खता मुझको | Ghazal Meri Khata
बता दो सब मेरी खता मुझको ( Bata do sab meri khata mujhko ) बता दो सब मेरी खता मुझको, दूर रहकर न दो सजा मुझको।। टूट जाउंगा बिखर जाऊंगा, अश्क मोती नहीं दिखा मुझको।। मैं तेरा गुनहगार हूं या नहीं, तूं अपना फैसला सुना मुझको।। जिसके खातिर सहे हैं सितम,…
किसी जादू टोने का ही असर है | Ghazal
किसी जादू टोने का ही असर है ( Kisi Jadoo tone ka asar hai ) किसी जादू टोने का ही असर है! परेशां इसलिए जीवन मगर है बहुत भेजे उसके कासीद घर को नहीं आयी कोई उसकी ख़बर है नजर आया नहीं मुझको कहीं भी उसी को ढूंढ़ती मेरी नजर है …