शेरो-शायरी

  • सैनिकों को नमन | Sainikon ko Naman

    सैनिकों को नमन ( Sainikon ko Naman )   हाँ सुरक्षित देश की सीमा करें दुश्मनों का बंद हर रस्ता करें फ़ोन अपना बंद कर दे दोस्त चल सैनिकों को ही नमन हम आ करे हम करेंगे सब हिफ़ाज़त देश की आज आओ एक ये वादा करे दे रहा आवाज़ खू मासूम का देश की…

  • अमेरिका | America

    अमेरिका ( America )   दुनिया की गहराई रोज नापता है अमेरिका, दूसरों की सीमा में भी झाँकता है अमेरिका। कहता है हवाओं से मेरे मुताबिक तुम चलो, दूसरों के ताबूत में कील ठोंकता है अमेरिका। पूरी कायनात में है वो झगड़ा की जड़, खुद को साफ -पाक बताता है अमेरिका। हर रितु में टेस्ट…

  • दर्द-ए-इश्क़ | Dard-e-Ishq

    दर्द-ए-इश्क़ ( Dard-e-Ishq )    कोई मेरा अपना बेगाना हो गया, पल में मेरा प्यार फसाना हो गया, करता था मैं भी मोहब्बत की बातें अब उन बातों को जमाना हो गया! तुमसे दूर रहना कातिलाना हो गया, गुम हुए होश दिल दीवाना हो गया। हँसा देता हूँ लोगों को एक पल में, मुझे मुस्कुराए…

  • दोहरा चरित्र | Dohra Charitra

    दोहरा चरित्र ( Dohra charitra )   दोहरा चरित्र अपनाता है चीन, बाहरी लोगों को सताता है चीन। है खोट नीयत उसकी विस्तारवादी, दादागिरी अपनी दिखाता है चीन। मारती है लात उसकी इज्जत को दुनिया, चेहरे पे चेहरा लगाता है चीन। अम्न का है दुश्मन देखो जहां का, दोगली चाल से न बाज आता है…

  • फटे पुराने दिल | Phate Purane Dil

    फटे – पुराने दिल! ( Phate – purane dil )    पलकों से रास्तों का खार हटाया जाए, काँटा बिछानेवाले लोग हैं न। उन उदास चेहरों को हँसाया जाए, दिल दुखानेवाले लोग हैं न। जली,उजड़ी उस बस्ती को बसाया जाए, बस्ती जलानेवाले लोग हैं न। अम्न की लोरियों से चलो दिल बहलाया जाए, जंग की…

  • सुकूँ से जीना है तो | Sukoon se Jeena

    सुकूँ से जीना है तो ( Sukoon se jeena hai to )    कोई देर से कोई जल्दी से चला जाएगा, किसी का पैर देर तलक टिक न पाएगा। ये गलियाँ, ये मकाँ कब हुए हैं किसी के, एकदिन इसका निशां मिट जाएगा। जलवा -ए-हुस्न तो है दो पल का साथी, शबाब का ये पानी…

  • अम्न | Aman

    अम्न ( Aman ) नज़्म आए दिन जंग का बाजार सजाया जा रहा है, सच्चाई कुछ और है कुछ और बताया जा रहा है। होती मुलाकात दुनियावालों की अम्न के लिए, मगर रोज नया ज्वालामुखी धधकाया जा रहा है। देखिये, जंग से अम्न के रास्ते तो खुलते नहीं, कितनों को रोज मौत की नींद सुलाया…

  • मफ़हूम-ए-ज़िन्दगी | Life Shayari in Hindi

    मफ़हूम-ए-ज़िन्दगी ( Mafhoom-e-zindagi ) वज़्न २२१२ १२११ २२१२ १२ कुछ उलझनों ने जीस्त मु’अम्मा बना दिया कुछ दांव पेंच ने हमें जीना सिखा दिया ॥ रद्दी कबाड़ से करें क्यों घर को बेकदर कुछ ग़ादिरों को साफ़ निकाला भुला दिया ॥ ये रहगुज़र लगी क्यूं हमें अजनबी सी आज जिन रास्तों से गुफ़्तगू है बारहा…

  • मन के जज्बात | Jazbaat Shayari in Hindi

    मन के जज्बात ( Man ke Jazbaat )    वह बातों में अपनी कभी अपने मन के जज्बात नहीं बताता है, पर फिर भी मेरी चिंता मुझसे छुपा नहीं पाता है। वह कहता है बात ना करना मुझसे, पर बिना बात किए वह खुद भी नहीं रह पाता है। उससे बात ना हो तो परेशान…

  • दीया | Diya

    दीया (नज़्म)   माटी का दीया हूँ, मेरे पास आओ, जला करके मुझको अंधेरा भगाओ। सूरज का वंशज हूँ निर्बल न समझो, जुबां तो नहीं है, अपना ही समझो। घर, आँगन, बाहर कहीं भी जलाओ, जला करके मुझको अंधेरा भगाओ। माटी का दीया हूँ…….. सृजन है जहां का तब तक अधूरा, सितारों से होता न…