बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ | Chhand Beti Bachao Beti Padhao

बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ

( Beti Bachao Beti Padhao )

 

मत मारो मां कोख में,
चिड़िया सी उड़ जाऊं।
रह लूंगी भूखी प्यासी,
जन्म लेने दीजिए।

 

बेटी घर का मान है,
मात पिता अभिमान।
उड़ाने भरे आसमां,
थोड़ा प्यार कीजिए।

 

घर श्मशान सा लगे,
जहां विरान सा लगे।
बेटियां करें रोशन,
मुस्कान तो दीजिए।

 

बेटी दुर्गा महाशक्ति,
बेटी लक्ष्मी अवतार।
बेटियों को संसार में,
दुलार भी दीजिए।

?

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

शालीनता | देव घनाक्षरी | Chhand Shalinta

Similar Posts

  • श्रीकृष्ण | Shri Krishna chhand

    श्रीकृष्ण ( Shri Krishna )   मनहरण घनाक्षरी   माधव मुरली वाले, गोकुल के घनश्याम। नंदलाल गिरधारी, लीलायें रचाइये।   यशोदा के राजदुलारे, जन जन के सहारे। चक्र सुदर्शन धारी, मुरली बजाइए।   राधा के मोहन प्यारे, जग के तारणहारे। जय हो तेरी केशव, विपद निवारिये।   सखा सुदामा हे कृष्णा, करुणासागर कान्हा। भक्तों के…

  • उलझन भरी जिंदगी | Zindagi par chhand

    उलझन भरी जिंदगी ( Uljhan bhari zindagi )    संघर्षों से भरी जिंदगी, उलझन सी जिंदगी। हौसला बुलंद कर, नेह बरसाइए। राहें कठिन हो चाहे, पथ आंधी तूफां आए। लक्ष्य साध गीत प्यारा, तराना सुनाइए। आसां नहीं है चलना, मुश्किलों से यूं लड़ना। उलझन जिंदगी को, मधुर बनाइए। प्यार के मोती लुटाओ, प्रेम सुधा बरसाओ।…

  • स्नेह तिलक | Hindi mein chhand

    स्नेह तिलक ( Sneh Tilak ) भाई बहन का प्यार, भैया दूज का त्यौहार। लाया खुशियां अपार, तिलक लगाइए।   अक्षत रोली ले आई, खूब जियो मेरे भाई। महके भैया संसार, खुशियां मनाइए।   वैभव से भरा रहे, भैया घर परिवार। मंगलाचार बहना, प्रीत भर गाइए।   गंगाजल सा पावन, भाई बहन का प्यार। नेह…

  • अतिक्रांत छंद – विषममात्रिक

    जय गणेश जय गणेश गणपति दाता, तुम्हीं हो मेरे अपने,कर जोड़े द्वारे ठाढ़ी, कर दों पूरे सपने l हो प्रसन्न जग के स्वामी, फलित कर्मों में जलती ,मैं पापी लम्पट लोभी, अगणित करती गलती l अज्ञानी पर हूँ बालक, लगा चरणों से अपने ,अंजानी राहें चल कर, लागे माला जपने l प्रभु ज्ञानी अंतरयामी, प्रणामी…

  • भगवान जय श्री परशुराम जी

    भगवान जय श्री परशुराम जी ( छंद-मनहरण घनाक्षरी ) जमदग्नि रेणु सूत ,अति बलशाली पूत,छठे अवतार विष्णु ,राम  कहलाए है! अक्षय तृतीया आई,अटल मुहुर्त लाई,रामभद्र जन्मोत्सव ,जगत मनाए है। राम  बसे श्वास श्वास, करने अधर्मी नाश,हाथ में सदैव अस्त्र,परशु उठाए है । शिव धनु तोड़े राम , हर्ष हुआ चारों धाम,विलोकित राम-राम ,दोनों मुस्कुराए है। डॉ कामिनी व्यास…

  • नवदुर्गा उपासना | Navdurga Upasana

    नवदुर्गा उपासना ( मनहरण घनाक्षरी ) नाम नव दुर्गा रूप, पूजे सुर मुनि भूपपहाड़ों वाली मां तेरा, शैलपुत्री नाम है। दूसरा अनूप रूप, ब्रह्मचारिणी है मैयाकमंडल कर तेरे, दूजे कर माल है। चंद्रघंटा रूप तेरा, तीसरा सलोना मैया,सिंह की सवारी तेरे, हाथ में कमान है। चौथा है कुष्मांडा रूप, पांचवा स्कंद मैया,छठा है कात्यायनी मां,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *