धर्म साधना का महीना

धर्म साधना का महीना | Dharma Sadhana ka Mahina

धर्म साधना का महीना

( Dharma Sadhana ka Mahina )

लगा है सावन का महीना
विचारो में आस्था जगी है।
धर्म की ज्योति भी देखो
दिलों में जल उठी है।
तभी तो सावन में देखो
मंदिरो में भीड़ लगी है।
और प्रभु दर्शन पाने की
सभी में होड़ लगी है।।

सिर अपना झूका कर
प्रभु चरणों में रखते है।
मन के भावों को हम
प्रभु जी से कहते है।
फिर अपने कलश से
शिवजी पर जल छोड़ते है।
और अपनी शक्ति अनुसार
दान पुण्य करते है।।

धर्म कर्मो का असर
जीवन पर पड़ता है।
ये मानव जीवन है
जो कर्मों से ही चलता है।
इसलिए तो ऋषि मुनिगण
कर्मों की बातें कहते है।
और सावन के महीने में
सादगी से रहते है।।

Sanjay Jain Bina

जय जिनेंद्र
संजय जैन “बीना” मुंबई

यह भी पढ़ें :-

मित्र दिवस | Kavita Mitra Divas

Similar Posts

  • पढ़ पाऊँ

    पढ़ पाऊँ   हमेशा से ही मेरी हरसत रही है ये कि मैं भी कभी देखूँ किसी को सामने बैठा कर उसकी झील सी आँखों में अपने को डुबो कर….! एक ख्वाहिश ही रही कि उसकी आँखों को पढ़ पाऊँ क्या लिखा है उसके दिल में क्या चाहत है उसकी क्या दर्द है उसकी आँखों…

  • संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज | Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj | Kavita

    संत शिरोमणि गणिनाथ जी महाराज  ( Sant Shiromani Ganinath Ji Maharaj )   जय जय जय हे संत शिरोमणि,गणिनाथ महाराज। योग क्षेम कल्याण शिरोमणि, गणिनाथ महाराज।   महादेव के मानस पुत्र हो, तुम जन कल्याणी हो। मंशाराम के दत्तक पुत्र हो, धर्म रक्षक अवतारी हो।   राग द्वेष तम दूर करे प्रभु, सत्य धर्म अधिकारी…

  • चोर चोर मौसेरे भाई | Geet chor chor mausere bhai

    चोर चोर मौसेरे भाई ( Chor chor mausere bhai )   सड़क पुल नदिया निगले घोटालों की बाढ़ आई। चारा तक छोड़ा नहीं नेता वही जो खाए मलाई। महकमे में भ्रष्टाचार फैला लगे जैसे सुरसा आई। जनता की कमर तोड़ दी ऊपर से बढ़ती महंगाई। चोर चोर मौसेरे भाई,चोर चोर मौसेरे भाई   सांठगांठ से…

  • सीता नवमी | Kavita Sita Navami

    सीता नवमी ( Sita Navami )   जनक नंदिनी वैभव,राम सत्ता आधार जनक दुलारी महिमा अद्भुत, प्रातः वंदनीय शुभकारी । राम रमाकर रोम रोम, पतिव्रता दिव्य अवतारी । शीर्ष आस्था सनातन धर्म, सुरभि संस्कृति परंपरा संस्कार । जनक नंदिनी वैभव,राम सत्ता आधार ।। मृदु विमल अर्धांगिनी छवि, प्रति पल रूप परछाया । प्रासाद सह वनवास…

  • यही वर दो मां | Yahi Var do Maa

    यही वर दो मां   नव रूपों मे सज धज कर आज आई हो मां मेरी बस इतनी सी विनती भी सुन लेना मां नही चाहिए धन दौलत या सारा सम्मान मुझे सब जन के मन मे केवल मानवता भर देना मानव ही मानव का कर रहा संहार क्यों इतना भी बैर हृदय मे कैसे…

  • ताजमहल | Kavita Taj Mahal

    ताजमहल ( Taj Mahal ) बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया। शाहजहां बादशाह ने दुनिया को प्रेम दिखाया।   आगरा में आकर देखो संगमरमर का महल। कलाकृतियां बेमिसाल प्रसिद्ध हो गया शहर।   प्रेम का प्रतीक हो गया सुंदर सा ताजमहल। पर्यटक स्थल बना जवां दिलों का कौतूहल।   सुंदर से नजारे सारे महकती…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *