दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई
दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई

दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई

( Dil Mein Hamare Aap Ki Surat Utar Gai )

 

दिल में हमारे आप की सूरत उतर गई ।
सारे जहां में आप पे जब से नज़र गई।।

 

आंचल  से   अपने  खेलना बाहों में थाम के।
दिल पे जवानी आप की जादू-सा कर गई ।।

 

नज़रें मिलाके आपका मुखङा छुपाना यूं ।
जलवे तुम्हारे देख के बिजली-सी गिर गई।।

 

जुल्फें झटकना आपका यूं दिल को भा गया।
जैसे भरी दुपहर में आ बदली- सी घिर गई।।

 

शे’रों में जब से आप यूं छाने लगे “कुमार”।
फीकी -सी ग़ज़लें मेरी भी जैसे निखर गई।।

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कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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