डॉ. अलका अरोडा के दोहे

Dr. Alka Arora Ke Dohe : डॉ. अलका अरोडा के दोहे

डॉ. अलका अरोडा के दोहे

( Dr. Alka Arora Ke Dohe )

******

१)

काँटे बोना छोड़ दो, चलो प्रीत की राह।
सुख पाओगे विश्व में, मिट जाए हर आह।।

२)

याद सदा उपकार रख, कभी न उसको भूल।
तू पाएगा सुख सदा, शूल बनेंगे फूल।।

३)

निज सुख में इस विश्व का, हर पशु है तल्लीन।
मानव हो तो नित रहो, सबके सुख में लीन।।

४)

सेवा को अपनाइए, सेवा देगी मान।
ये है सच्ची भावना, खूब मिले सम्मान।।

५)

सदा भला करते रहो, मत करना अभिमान ।
अगर दर्प तुमने किया, मिटा मान सम्मान ।।

६)

क्रोध नाश का मूल है, छीने मन से बोध।
विनय हराती क्रोध को, करे हृदय का शोध।।

७)

साधन सीमित जगत के, इच्छा पारावार।
इसीलिए अवसाद दुःख, आते बारम्बार।।

??


डॉ. अलका अरोड़ा
“लेखिका एवं थिएटर आर्टिस्ट”
प्रोफेसर – बी एफ आई टी देहरादून

यह भी पढ़ें :

Ghazal By Dr.Alka Arora -बारिशे मेरे आँगन से होकर जब भी गुजरी

Similar Posts

  • गणतंत्र दिवस | Republic Day

    गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) ( 2 )  प्यारा भारत देश हमारा,मन से खुशी मनाऍंगे। आया है गणतंत्र दिवस यह, विजय ध्वजा लहराऍंगे। भारत धरती कहती सबसे,बालक मेरे न्यारे हो। मेरी रक्षा खातिर तुमने, अपना सब कुछ वारे हो। युगों-युगों तक नाम तुम्हारा,धुन आजादी गाऍंगे। आया है गणतंत्र दिवस यह,विजय ध्वजा लहराऍंगे। भारत माॅ॑…

  • बिन बुलाए | Bin Bulaye

    बिन बुलाए ( Bin Bulaye ) बिन बुलाए आज तुम फिर कहां से आ गए हो। बंद पड़े सूने मकां की कुंडी खटखटा गए हो। मोगरे सी महका गई है तेरी यादों की खुशबू । छटपटा उठी जो दफन थी दिल में कोई जुस्तजू। पता नहीं अब क्या होगा आंख बाईं फड़का गये हो।। क्यों…

  • मेरी संस्कृति | Poem meri sanskriti

    मेरी संस्कृति ( Meri sanskriti )   है अलग मेरी संस्कृति नहीं उसमें कोई विकृति चुटकी भर सिंदूर तेरा मौन मेरी स्वीकृति गरिमा बढ़ाती लाल बिंदिया। विदेशी कर रहे अनुकृति पायलेे पैरों में मेरे सुनो उसकी आवृत्ति तुलसी पर जल चढ़ाएं यही हमारी प्रकृति रिश्तो की प्यारी प्रक्रिया फैला रही है जागृति हार जाए तो…

  • नौशाबा की कविताएँ | Naushaba Poetry

    अफ़सोस ज़िंदगी की राहों में,हर कोई तकलीफ़ों से गुज़रता है,तपता है गम की धूप मे कभीकभी देखता है स्वप्न खुशियों केमगर अफ़सोस !डसते हैं रात के अंधेरे बहुतभोर का उजाला भी ठहरता कहाँ है! सालते ही रहते हैंटूटे ख्वाबों के एहसासहर लम्हा बीती घड़ी का हिस्सा होता हैदूर दूर तक रहती हैं विरानियाँहर पल गुजरा…

  • मुस्कुराहट | Muskurahat

    मुस्कुराहट ( Muskurahat )   हजार गमों की महफिल में, तू मुस्कुराहट को न्योता दिया कर।। नम हुई आंखे तेरी, दिल को सताती है, मुकुराहट तो दिल का सुकून कहलाती है।। ऐ दोस्त , तेरी उदास आंखे, बहुत दिल में हलचल मचाती है, तू बस हंस दे, तो सारी कायनात खुशियां मनाती है।। ज़िंदगी के…

  • सड़क सुरक्षा | Sadak suraksha par kavita

    सड़क सुरक्षा ( Sadak suraksha )   1. वाहन चलाते थूकना, है खतरे का काम। हो सकता है हादसा, जा सकती है जान। 2. बेल्ट बांध गाड़ी चला, तेज चाल मत चाल। दुर्घटना भी घट जावे, बचे अंग अरु भाल। 3. दक्षता से वाहन चले, सीख सार संभाल। यात्रा जब हो दूर की, ईंधन हवा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *