एक दिलदार अपना
( Ek Dildar Apna )
रखा है सहेजे हुए प्यार अपना
क़िताबों में गुल एक दिलदार अपना
मुहब्बत कसौटी पे बिल्कुल ख़री है
तभी तो जताया है अधिकार अपना
सनम देवता मैंने माना तुम्हीं को
करो तुम भी इक रोज़ इज़हार अपना
फ़लाने की बेटी सगी से भी बढ़कर
जो अस्मत लुटी दिल है बेज़ार अपना
गुनाहों से रजनी बहुत करती नफ़रत
नहीं इसमें शामिल है क़िरदार अपना

रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
यह भी पढ़ें:-
Leave a Reply