Kyon Shayari

बदलते जा रहे हैं क्यूं | Kyon Shayari

बदलते जा रहे हैं क्यूं

( Badalte ja rahe hain kyon ) 

 

सुहाने ख्वाब मुट्ठी से फिसलते जा रहे हैं क्यूं
जो हैं नजदीक दिल के वो बदलते जा रहे हैं क्यूं

किये सब फैसले दिल से बड़ी गलती हमारी थी
गलत वो फैसले सारे निकलते जा रहे हैं क्यूं

अना उनमें बहुत है आजकल लेकिन मुहब्बत में
वो पत्थर मोम के जैसे पिघलते जा रहे हैं क्यूं ।

कहा करते हमेशा हुस्न है इक आग का दरिया
वही इस आग की ख़ातिर मचलते जा रहे हैं क्यूं।

ज़रा ये सोचिए की हसरतों के इस सफ़र में हम
हमारी चंद ख़ुशियों को निगलते जा रहे हैं क्यूं।

बड़ी हैरत की जो डूबे हुए थे इश्क़ में मेरे
निगाहें वो चुराकर अब सॅंभलते जा रहे हैं क्यूं।

नयन सच है कि दिल बच्चा है हमने बारहा देखा
कि झूठे ख़्वाब से भी हम बहलते जा रहे हैं क्यूं।

 

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

बेवफ़ाई किसलिए | Bewafai Shayari

Similar Posts

  • नहीं हूँ मैं | Nahi Hoon Main

    नहीं हूँ मैं ( Nahi Hoon Main ) पुख़राज़ कोहिनूर या गौहर नहीं हूँ मैंलूटे जो बज़्म तेरी वो शायर नहीं हूँ मैं बूढ़ा हूँ उम्र से हुआ जर्जर नहीं हूँ मैंदीवार-ओ- दर है साथ में खंडर नहीं हूँ मै कमतर नहीं अगर सुनो बदतर नहीं हूँ मैंलेकिन किसी अमीर का चाकर नहीं हूँ मैं…

  • किसको दिल की पीर सुनाएं

    किसको दिल की पीर सुनाएं एक ख़ता की लाख सज़ाएं।किसको दिल की पीर सुनाएं। कोई नहीं इब्न-ए-मरियम सा।ज़ख़्म जिगर के किसको दिखाएं। जान ही जाते हैं जग वाले।राज़-ए-मुह़ब्बत कैसे छुपाएं। नफ़रत के सहरा में आओ।उल्फ़त के कुछ फूल खिलाएं। ख़ाली से बेगार भली है।मुफ़्त न अपना वक़्त गंवाएं। क़रिया-क़रिया पेड़ लगा कर।आबो-हवा को मस्त बनाएं।…

  • तलवार दी गई | Talwar di Gayi

    तलवार दी गई ( Talwar di Gayi ) ख़ुद पर ही वार करने को तलवार दी गईथाली में यूँ सजा के हमें हार दी गई गर्दन हमारी यूँ तो सर-ए-दार दी गईफिर भोंकने को जिस्म में तलवार दी गई कहने को हम खड़े थे अज़ीज़ों के दर्मियांमंज़िल हमीं को और भी दुश्वार दी गई हमने…

  • कोई नहीं देगा | Koi Nahi Dega

    कोई नहीं देगा क़सम खाते हैं सब झूठी ये जाँ कोई नहीं देगामुसीबत में सहारा भी यहाँ कोई नहीं देगा सभी अपने दग़ा देंगे, ज़माना लूट लेगा भीतेरी झोली में ला कर आसमाँ कोई नहीं देगा तुझे अपनी विरासत को ख़ुद ही महफ़ूज़ रखना हैहिफ़ाज़त बन के तुझको पासबाँ कोई नहीं देगा यहां कागज़ पे…

  • दिल तो दिल है | Dil to Dil Hai

    दिल तो दिल है ( Dil to Dil Hai )   चुभा हुआ है जो काँटा निकल भी सकता है ये दर्दनाक सा मंज़र बदल भी सकता है निज़ाम और भी चौकस बना दिया जाये तो हादसा कोई होने से टल भी सकता है इशारा देखिए हाकिम के आप लहजे का वो सारी भीड़ को…

  • हम सावन न भूले | Ham Sawan na Bhoole

    हम सावन न भूले ( Ham sawan na bhoole)    छन्नी कभी तक वो तन न भूले वो ग़म भरा हम सावन न भूले बदला तुझी से लेंगे अदू हम उजड़ा कभी तक गुलशन न भूले सैनिक तुझे मारेगा किसी दिन औक़ात अभी वो दुश्मन न भूले गिनकर अदू लेंगे तुझसे बदला वो खू भरा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *