Eye Flu

आई फ्लू | Eye Flu

आई फ्लू

( Eye Flu ) 

 

बारिश बुला रही बीमारियां रखना उसका ध्यान,
छूने मत देना प्रभावित व्यक्ति कोई भी सामान।
नाक-कान स्कीन के साथ रखें ऑंखों का ध्यान,
मौसम-करवट बदल रहा बचना सभी इन्सान।।

आज हर तरफ़ा हो रहा है इस वायरस का शोर,
हल्के में नहीं लेना इसको करना बातों पर गौर।
आई-फ्लू नाम है उसका ऑंखों पर पड़ता जोर,
रोज़ अनेंक मरीज़ आ रहें अस्पताल की और।।

ऑंखों का लाल होना और सफ़ेद कीचड़ आना,
लगातार पानी का बहना और सूजन आ जाना।
मीठी-मीठी खुजली एवं ऑंखों में दर्द का होना,
लक्षण अगर ये लगे डाॅक्टर को तुरंत दिखाना।।

ऐसे में ऑंखों को गुनगुने पानी से बार बार धोएं,
साफ़ एवं सूती-कपड़े का ऐसे में इस्तेमाल करें।
मोक्सीफ्लोक्सासिन आई-ड्रॉप्स ऑंखों में डालें,
लक्षण अगर गंभीर लगें डॉक्टर से संपर्क करें।।

ना देखना टेलिविज़न मोबाईल न ही करें प्रयोग,
ऑंख से ऑंख ना मिलाएं घरों मे रहें ऐसे लोग।
आई फ्लू को रोकने में सब लोग करना सहयोग,
काला चश्मा पहनना एवं करना इसका प्रयोग।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

वाह भाई वाह | Wah Bhai Wah

Similar Posts

  • चापलूसी एक हूनर | Chaaploosi par kavita

    चापलूसी एक हूनर ( Chaaploosi ek hoonar )    चापलूसी भी एक कला है जो चमचागिरी कहलाती। सत्ता के गलियारों में यह नेताओं को बहुत लुभाती।   चापलूसी के दम पे कई शहरों में ठेकेदार बन आए। मीठी चाशनी में भीगे शब्द मोहक रसीले खूब भाए।   चमचों की संगठित टीम चापलूसी का हुनर रखते।…

  • उम्मीदें | Ummide

    उम्मीदें  ( Ummide )   उम्मीदें अक्सर चोट पहुंचाती है, कमजोर होने का एहसास दिलाती है। प्रेम और मोह में फंसा व्यक्ति ,दूसरों से उम्मीदें रखता है , चोटिल होने पर वह ,एक बार फिर से बिखरता है। शिकायतों का दौर फिर ,कुछ यूं शुरू हो जाता है , उम्मीदें अक्सर चोट पहुंचाती है ,…

  • बांहों में | Poem on bahon mein

    बांहों में ( Bahon mein )   धरा गगन से कह रही लो आ गया मधुमास प्रियतम ले लो बाहों में मदमाता बसंत खास   लिपट लता सी प्रीत भरे कुदरत करती श्रंगार आलिंगन आतुर सरिताये चली सिंधु के द्वार   दीपक बाती का मिलन जग रोशन हो सारा प्रेम की रसधार बहती ऐसा हो…

  • करवा चौथ | Karwa Chauth kavita

    करवा चौथ ( Karwa Chauth ) ( 3 )  मेरे जीवन की चांदनी, तुझको लगता हूं चंद्र प्रिये। रोम रोम में स्नेह रश्मियां, भीगी सुधारस रंध्र प्रिये। दिल से दिल के तार जुड़े, सुरों का संगम भावन हो। मैं मनमौजी बादल हूं, तुम मधुर बरसता सावन हो। सौम्य सुधा सुधाकर पाओ, करती हो उपवास प्रिये।…

  • याद आने लगे | Yaad Aane Lage

    याद आने लगे ( Yaad aane lage )    वो गुजरे जमाने सताने लगे। घड़ी हर घड़ी याद आने लगे। देख उनको लब मुस्कुराने लगे। दिल के तार संगीत सजाने लगे। मेहमान घर पे जब यूं आने लगे। दीप खुशियों के हम जलाने लगे। गीत मंचों पे जब से गाने लगे। तराने सुहाने हमको आने…

  • हममें राम, तुममे राम

    जय श्री राम हममें राम, तुममे राम सबमे राम, सबके राम जहाँ भि देखो राम हि राम बोलो जय श्री राम राम हि धरती राम हि अम्बर राम हि बूंद, राम समंदर देखा जैसा, पाया वैसा कोई अलग नहीं उनका धाम बोलो जय श्री राम त्यागी राम, वैरागी राम सकल शृष्टि के अनुरागी राम सत्य…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *