सवाल- गलती किसकी

सवाल:- गलती किसकी ?

नेहा बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत थी। ससुराल से ही वह बैंक आना-जाना करती थी। नेहा का पति राहुल एक प्राइवेट कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। दोनों की शादी को 3 वर्ष बीत चुके थे लेकिन उनके कोई बच्चा नहीं था।

नेहा को प्राइवेसी पसंद थी। उसे पाबंदी लगाने वाले, रोक-टोक करने वाले लोग बिल्कुल भी पसंद नहीं थे। नेहा मनमाफिक जीवन जीना चाहती थी। नेहा को प्राइवेसी पसन्द थी। वह अपने सास ससुर को बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी।

नेहा में एक गंदी आदत यह थी कि वह हर व्यक्ति के साथ चाहे वह उसका सहकर्मी हो, दोस्त हो या कोई और अनजान व्यक्ति… वह सबके सामने अपने पति और सास-ससुर की ढ़ेरो बुराइयां करने से बाज ना आती।

सास ससुर व पति की बुराइयां करके उसे सकूँ मिलता। नेहा के बैंक मैनेजर विकास ने नेहा की इस कमजोरी का फायदा उठाया और उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। नेहा की शादीशुदा जिंदगी में समस्याएं थी। वह अपने पति और सास ससुर से दूरी बनाना चाहती थी।

देखा जाए तो यह एक आम समस्या है जिसमें लोग दूसरों की कमजोरी का फायदा उठाते हैं और उन्हें अपनी प्रेम जाल में फंसा लेते हैं। नेहा को यहाँ अपनी समस्या का समाधान निकालने के लिए, ससुराल से मधुर संबंध स्थापित करने के लिए किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह लेनी चाहिए थी ना कि किसी अनजान व्यक्ति के प्रेम जाल में फंसना चाहिए था… लेकिन ऐसा हुआ कि नेहा विकास के प्रेम में पड़ गई।

अब चोरी छुपे नेहा और विकास मिलने लगे और उनके बीच अवैध संबंध स्थापित हो गए। नेहा ससुराल पहुंचकर भी राहुल की अनुपस्थिति में विकास से ही चोरी छिपे बातें किया करती। सास ससुर ने यह बात नोटिस की राहुल को बताई कि नेहा जरूर किसी के सम्पर्क में है।

राहुल ने इस संबंध में जब नेहा से बात की तो… नेहा ने उल्टे सास-ससुर पर ही उसको चरित्रहीन साबित करने का सारा इल्जाम लगा दिया और वह अपने पति से लड़ झगड़कर अपने मायके चली गई। अब वह मायके से ही बैंक की नौकरी करती। नेहा और विकास का सब कुछ अच्छे से चल रहा था।

इस तरह 6 माह बीत गए। फिर राहुल और नेहा पक्ष के जिम्मेदार लोगों ने उनके भविष्य को देखते हुए पुनः दोनों को मिलाने की कोशिश की। नेहा इस शर्त पर राहुल के साथ रहने को तैयार हुई कि वह सास ससुर के साथ नहीं रहेगी, बल्कि राहुल के साथ अलग घर लेकर रहेगी।

राहुल ने मजबूरी में उसकी बात मान ली और अलग घर लेकर नेहा के साथ रहने लगा। नेहा व विकास अभी भी चोरी छुपे मिलना जुलना कर रहे थे।

एक दिन नेहा के नम्बर पर लगातार मैसेज आ रहे थे। मैसेज टोन लगातार बज रही थी। बावजूद इसके नेहा उनको नज़रंदाज़ कर रही थी। यह देखकर राहुल को शक हुआ।

उसने नेहा का मोबाइल चेक किया तो उसमें विकास के ढ़ेरो प्यार भरे मैसेज थे, जिसमें विकास ने नेहा से जल्द से जल्द होटल में मिलने की इच्छा जाहिर की थी। यह देखकर राहुल का दिमाग खराब हो गया। अब उसने नेहा से विकास के बारे में पूछा।

नेहा बहुत चालाक थी। उसने अपने सारे मैसेज जो कि उसने विकास को भेजे थे, समय रहते ही डिलीट कर दिए थे। राहुल सिर्फ विकास के ही मैसेज देख पाया था। नेहा को जैसे ही यह आभास हुआ कि राहुल, उसके व विकास के बारे में कुछ गलत न सोचने लगे…तो उसने खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए राहुल के आगे रोना शुरू कर दिया। रोते-रोते उसने बताया कि विकास उसका मैनेजर है।

पोस्टिंग के पहले दिन से ही विकास की गन्दी नज़रें उस पर है। वह मेरे साथ संबंध बनाना चाहता है, इसलिए अकेले में मिलने के लिए मेरे पर दवाब बनाता रहता है। मैं क्या करूं? वह बहुत दिनों से मुझे लगातार मैसेज भेज रहा है। लेकिन मैं उसके किसी भी मैसेज का कोई जवाब नहीं देती।

यकीन मानिए, मेरा और उसका किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। मैं उससे इतनी दुखी हूं कि मैंनें अपने ट्रांसफर के लिए भी बात की हुई है, लेकिन विकास की वजह से मेरा ट्रांसफर नहीं हो पा रहा।

वह आए दिन मुझे मैसेज करता है और परेशान करता है। पहले तुम मुझसे दूर रहते थे तो तुम नहीं जानते कि मैं कितनी मानसिक प्रताड़ना से गुजरी हूँ? वह मुझे देर तक ऑफिस में बैठाएं रखता है।

अब जबकि तुम मेरे साथ रहते हो, हमारे सम्बन्ध मधुर हैं तो मैं कई दिन से सोच रही थी कि तुम्हें सारी बातें बताऊँ। अब तुमने देख ही लिया है तो तुम मेरी मदद करो और मुझे विकास से छुटकारा दिलाओ। मैं विकास की हरकतों से परेशान हो चुकी हूँ।

नेहा के घड़ियाली आंसुओं को असली समझ कर राहुल को नेहा पर यकीन हो गया। अगले दिन राहुल, नेहा को अपने साथ लेकर विकास के घर पहुंचा। घर पर विकास की पत्नी रजनी थी, विकास मौजूद नहीं था।

राहुल ने रजनी को विकास की करतूतों के बारे में रजनी को सब कुछ बता दिया और उसके वे सारे मैसेज दिखाए जिसमें विकास ने रजनी से अकेले मिलने को बोला था। नेहा ने बताया कि कैसे विकास ऑफिस में उसको परेशान करता है, छेड़खानी करता है और काम का दवाब बनाकर उससे संबंध बनाने को कहता है। राहुल बोला-

“विकास के लिए अच्छा होगा कि वह नेहा का पीछा छोड़ दे। उसको परेशान करना बंद कर दे। अपने पति को अपने कब्जे में रखो…. नहीं तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा।”

नेहा ने भी पति की बातों का समर्थन करते हुए रजनी से राहुल को समझाने को कहा और चले गए।

जब विकास वापस घर आया तो उसको नेहा व राहुल के बारे में, उसकी पीठ पीछे आने का पता चला। उन्होंने उसका परिवार तोड़ने की कोशिश की थी तथा रजनी की नज़र में उसको चरित्रहीन और बदतमीज इंसान बना दिया था। रजनी उससे नाराज़ थी और उसको छोड़कर मायके जाने की बात करने लगी थी।

यह बात विकास के लिए असहनीय थी कि “नेहा ने उसको धोखा दिया। जब तक उसका पति उससे दूर रहा, तब तक उसने उसके साथ खूब मौज ली लेकिन… अब जबकि उसका पति उसके साथ है तो वह बदतमीजी दिखा रही है… मिलने से मना कर रही है। और तो और… मेरा घर तोड़ने की कोशिश कर रही है।”

विकास ने नेहा को सबक सिखाने के लिए मन में ठान लिया था। अब वह सचमुच ऑफिस में खुलकर बदले की भावना से नेहा को परेशान करने लगा। वह वे सब काम नेहा के साथ करने लगा जो उसने और उसके पति राहुल ने रजनी से कहा था।

मौका मिलने पर नेहा से अपशब्द बोलता और उसको पुनः मिलने के लिए दवाब बनाता। नेहा अब विकास से कतराने लगी थी। उसको अब अपना परिवार प्राथमिकता में नजर आ रहा था। ऑफिस की सारी बातें अब नेहा रोज राहुल को खुलकर बताने लगी थी।

विकास द्वारा रोज रोज के अत्याचारों से त्रस्त होकर एक दिन नेहा अपने पति राहुल को लेकर कोतवाली पहुँची और विकास के खिलाफ छेड़खानी करने, शारीरिक संबंध बनाने हेतु अकेले मिलने का दबाव बनाने, ऑफिस में देर तक बेवजह रोके रखने की शिकायत दर्ज कराई। विकास अपनी बेगुनाही साबित न कर सका। नेहा की शिकायत सही पाई गई और विकास को सजा हो गई।

आखिर गलती किसकी थी? नेहा की या विकास की?

लेखक:- डॉ० भूपेंद्र सिंह, अमरोहा

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • झांसा

    दुकान पर सामान खरीदने आए 9 वर्षीय बच्चे ने किराना स्टोर पर पान मसाले की लड़ी लटकी हुई देखकर दुकानदार चंदू से पूछा:- “अंकल जी, यह क्या है? क्या कोई खाने की चीज है?” “बेटा यह सुपारी है। इसको मीठी सुपारी भी कहते हैं। खाने में बहुत टेस्टी होती है। इसमें शौंप, मिश्री, छुआरा, गोला…

  • कर्म का फल

    प्राचीन काल में एक छोटे से गाँव में एक युवक रहता था जिसका नाम आर्यन था। आर्यन एक बहुत ही धार्मिक और नेक दिल व्यक्ति था। वह हमेशा अपने आस पास के लोगों की मदद करने के लिए तैयार रहता था। आर्यन के पिता का नाम विक्रांत था और वह एक बहुत ही मेहनती और…

  • कायर

    फोन की घंटी बजी। राजीव ने फोन उठाया। फोन पर अनुराग था। “भैया आप कहाँ है? क्या आपसे इस समय मुलाकात हो सकती है?” यह पूछते वक्त अनुराग की आवाज में वह बात नहीं थी जो अक्सर बात करते समय राजीव महसूस करता था। ऐसा लग रहा था जैसे कि वह किसी दिक्कत में है।…

  • मौत के सौदागर | Maut ke Saudagar

    “ऐ कौन है जो मुझसे टक्कर ले सकें,! किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं हैं कि मुझसे मुकाबले कर सकें।” सुदेश चौराहे पर आऊ बाऊ बक रहा था। रोज सायं काल में 9:10 बजे रात तक वह चौराहे पर नशे में घूमता रहता है। इसका अधिकांश समय नशे में ही डूब जाता है। वह…

  • Panchtantra Ki Kahani | खरगोश को हुआ चिकन पॉक्स

    खरगोश को हुआ चिकन पॉक्स ( पंचतंत्र की कहानी ) एक बार की बात है। एक जंगल में बिन्नी नाम का एक खरगोश रहता था। एक दिन वह पेंटिंग बना रहा था। तभी जैकी जैकाल खुश होकर चिल्लाते हुए कहता है “बिन्नी खरगोश चलो अब तुम मेरे पेट मे जा कर वहीं पर पेंटिंग बनाना”। खरगोश डर…

  • नादानी | Hindi Story | Hindi Kahani

    नादानी ( Nadani : New Hindi Kahani ) आज उसके एतबार को किसी ने ठोकर मार करें तोड़ दिया तो उसके दिल ने सोचा, क्या वाकई आज के दौर में भरोसा नाम की कोई चीज नहीं रही। क्या अपनापन, दोस्ती के जज्बे सब खत्म हो गए। क्या आज का इंसान इतना मतलबी, इतना खुदगर्ज हो…

One Comment

  1. इस कहानी में गलती दोनों की है, लेकिन अलग-अलग स्तर पर।

    नेहा की गलतियाँ:

    1. झूठ और बेवफाई: नेहा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी में परेशानियों के बावजूद, अपने पति से ईमानदारी और समस्या का समाधान ढूंढने की बजाय, विकास के साथ अवैध संबंध बनाए।

    2. अपनी कमजोरी का गलत फायदा उठाने देना: नेहा ने विकास को अपनी निजी परेशानियों और कमजोरियों का फायदा उठाने दिया, बजाय इसके कि वह अपनी सीमाएं स्पष्ट रखती।

    3. झूठी कहानी गढ़ना: राहुल को विकास के खिलाफ झूठी बातें बताकर नेहा ने उसकी सहानुभूति जीती, जो नैतिक रूप से गलत है।

    विकास की गलतियाँ:

    1. पेशेवर मर्यादा तोड़ना: विकास ने एक अधीनस्थ कर्मचारी के साथ अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध संबंध बनाए और नेहा की कमजोरियों का फायदा उठाया।

    2. बदले की भावना से काम करना: जब नेहा ने उससे दूरी बनानी शुरू की, तो विकास ने अपने अधिकार और प्रभाव का इस्तेमाल कर नेहा को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान किया।

    3. व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन का संतुलन न रखना: विकास ने अपने व्यक्तिगत जीवन को अपने पेशेवर जीवन पर हावी होने दिया, जिससे न केवल नेहा बल्कि उसका अपना परिवार भी प्रभावित हुआ।

    मूल समस्या:

    1. असंवाद और ईमानदारी की कमी: नेहा और राहुल के बीच आपसी संवाद और विश्वास की कमी थी, जिसने नेहा को विकास के प्रति आकर्षित किया।

    2. अधिकार और प्रभाव का दुरुपयोग: विकास ने एक नाजुक स्थिति का गलत फायदा उठाया, जो नैतिक और कानूनी दोनों ही दृष्टि से गलत था।

    नतीजा:

    नेहा और विकास दोनों ने अपने-अपने स्तर पर गलत फैसले लिए, जिससे न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन प्रभावित हुआ, बल्कि उनके आस-पास के लोग भी इसमें उलझ गए।

    समस्या का समाधान पारस्परिक संवाद, नैतिकता और आत्म-जागरूकता से संभव था। नेहा को अपनी शादीशुदा जिंदगी के मुद्दों को सुधारने की कोशिश करनी चाहिए थी, जबकि विकास को अपने पेशेवर दायित्वों का सम्मान करना चाहिए था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *