खरगोश को हुआ चिकन पॉक्स

Panchtantra Ki Kahani | खरगोश को हुआ चिकन पॉक्स

खरगोश को हुआ चिकन पॉक्स ( पंचतंत्र की कहानी )

एक बार की बात है। एक जंगल में बिन्नी नाम का एक खरगोश रहता था। एक दिन वह पेंटिंग बना रहा था। तभी जैकी जैकाल खुश होकर चिल्लाते हुए कहता है “बिन्नी खरगोश चलो अब तुम मेरे पेट मे जा कर वहीं पर पेंटिंग बनाना”।

खरगोश डर जाता है और कहता है “नही जैकी जैकाल, नही” लेकिन जैकी जैकाल नही मानता है और अपनी बोरी आगे बढ़ाते हुए कहता है  “चलो इस बोरी में जल्दी से आ जाओ” बिन्नी खरगोश जैकी जैकाल से विनती करता है कि कृपया मुझे छोड़ दो ।

लेकिन जैकी जैकाल नही मानता है और उसे अपनी बोरी में भर देता है और खुश होते हुए कहता है “तुम अब जिंदा भुने जाओगे”…. खरगोश चिल्लाता रहता है ” नही, नही, कोई मुझे बचा लो…”

तभी जंगल का राजा शेर आ जाता है और दहाडते हुए कहता है “जैकी यही रुक जाओ”

तब जैकी कहता है “कोई मतलब नही है, मै अभी बहुत व्यस्त हूं, तब शेर कहता है “क्या, तुम मेरी बात नही सुन रहे हो”…..  और शेर नाराज हो जाता है और तेजी से जैकी जैकाल की तरह बढ़ता है।

जैकी जैकाल डर जाता है और चालाकी दिखाते हुए अपनी बोरी को शेर के आगे कर देता है, जिसमें वह खरगोश को बंद किये रहता है और शेर से देते हुए कहता है है, “अरे तुम हो.. मैं तुम्हें ही ढूंढ रहा था” और बोरी को आगे बढ़ाते हुए कहता है  “यह लो बढ़िया सा खरगोश, यह आपके लिए उपहार है”

तब शेर खुश होकर आश्चर्य से पूछता है “सच..”

उधर बिन्नी खरगोश बोरी में सोच रहा होता है कि अब वह कैसे बचे। तभी उसके दिमाग में एक आइडिया आता है। वह अपने कलर पेंसिल से अपने पूरे शरीर में लाल लाल छोटे-छोटे निशान बना लेता है।

फिर जब जैकी जैकाल खरगोश को बोरी से बाहर निकालकर शेर को दे रहा होता है, तब शेर पूछता है “इसके पूरे शरीर पर यह लाल लाल निशान कैसे बने हैं?”  तब बिन्नी खरगोश कहता है “महाराज मुझे चिकन पॉक्स हुआ है, जो कोई भी मुझे खायेगा मर जायेगा।

ये जैकी जैकाल इसी लिए मुझे आप को खाने के लिए दे रहा..” इतना सुनते ही शेर गुस्से में दहाड़ता है और जैकी को पकड़ने के लिये दौड़ता है। इस तरह अपनी सूझबूझ के बिन्नी खरगोश जैको जैकाल और शेर से बच जाता है।

इस कहानी से हमे यह प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल को सामने देख कर डरना नही चाहिए बल्कि शांत मन कर के सूझ बूझ से काम करना चाहिए।

लेखिका : अर्चना 

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