Gam ki Shayari Hindi

गम छुपा यूं मुस्कुराते रहे | Gam ki Shayari Hindi

गम छुपा यूं मुस्कुराते रहे

( Gam chhupa yun muskurate rahe ) 

 

हम हंसते रहे अधर गाते रहे।
गम छुपा यूं हम मुस्कुराते रहे।
घात लगाए बैठे जहां में कई।
हम प्यार के मोती लुटाते रहे।

अड़चनें विघ्न बाधा आते रहे।
प्रगति पथ पे कदम बढ़ते रहे।
हौसलों की उड़ानें भावन हुई।
बुलंदियों को अक्सर पाते रहे।

पीर भरा सागर अपनों ने दिया।
प्रीत का सावन हम बरसाते रहे।
मन के भावों ने बदले रूप कई।
लेखनी ले हम मोती सजाते रहे।

शब्द सुरीले अब वह गीत कहां।
दिल को छू जाए बंध सुनाते रहे।
लोग आते रहे जहां से जाते रहे।
नव पुष्प खिले खेल दिखाते रहे।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

आहिस्ता आहिस्ता | Aahista Aahista

Similar Posts

  • माँ | Maa pe kavita

    माँ ( Maa )   कद्र करो उस मां की नौ महीनें तक रखा अपने गर्भ मे उम्र भर रखा जिसने ममता कीगोद में ताउम्र रखा अपने दिल में तेरी ये दौलत तेरी ये शोहरत तेरे यह कीमती सारे लिबास जिसमें ना हो मां का आशीष और आशीर्वाद मां बिना सारे बेगाने बेजार खुशियां यह…

  • कैसा गणतंत्र | Kaisa Gantantra

    कैसा गणतंत्र ? किसका गणतंत्र ?   जिस देश में , आज भी, संतुलित आहार तो दूर , करोड़ों लोग भूख से, तड़प कर दम तोड़ देते हो, किसान आत्महत्या, करने को मजबूर हो, युवा उच्च शिक्षित होते हुए भी दर-दर भटकने को मजबूर हो, दिन-रात काम करने के बावजूद करोड़ लोग फुटपाथ पर, सोने…

  • जिन्दगी का गुलिस्तां | Zindagi ka Gulistan

    जिन्दगी का गुलिस्तां ( Zindagi ka gulistan )    झुकता है आसमां उसे झुकाकर तो देखो, रूठने वाले को भी मनाकर तो देखो। प्यार में होती है देखो! बेहिसाब ताकत, एक बार जीवन में अपनाकर तो डेखो। सिर्फ दौलत ही नहीं सब कुछ संसार में, किसी गरीब का आंसू पोंछकर तो देखो। दुनिया की किसी…

  • दोस्ती | Dosti

    दोस्ती ( Dosti )    कुछ कही अनकही बातों की दास्तान है दोस्ती, आज के जमाने में भी इंसानियत की पहचान है दोस्ती, पहले त्याग और समर्पण की मिसाल थी दोस्ती, आज तो मतलब के रिश्तों से बदनाम है दोस्ती, सही दोस्त अगर मिल गया तो ईश्वर का दूसरा नाम है दोस्ती, वरना तो इसकी…

  • कवि सत्य बोलता है | Kavi Satya Bolta hai

    कवि सत्य बोलता है ( Kavi satya bolta hai )   हर बात वो क़लम से लिख देता है, और सभी तक फिर पहुँचा देता है। क़लम ही है कलमकार की ताकत, बेबसी व लाचारी भी लिख देता है।। लिख देता वो कविता और कहानी, सोच-समझकर सुना देता ज़ुबानी। हर एक शब्द का करके माप-दण्ड,…

  • आपसे सर्वस्व मेरा | Aapse Sarvasya Mera

    आपसे सर्वस्व मेरा ( Aapse Sarvasya Mera ) आप सर्वस्व मेरे,आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप मेरे प्राण धन हैं।आपके श्री चरणों में मेरा सर्वस्व अर्पण है। हे प्राणनाथ, मेरे प्राणेश्वर!बलिहारी नित मैं आप पर।आपका श्री चरण मेरा घर।चरण कमल का भौंरा यह मन है।आप मेरे प्राण के प्राण,आप…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *