तुम हवा पर गीत लिख दो | Geet Likh do

तुम हवा पर गीत लिख दो

( Tum Hawa par Geet Likh do )

 

तुम हवा पर गीत लिख दो, मैं बसंत हो जाऊंगा।
फूल बनकर खिल जाना, मैं उपवन महकाऊंगा।
तुम हवा पर गीत लिख दो

बह चले मधुर पुरवाई, जब मन मयूरा लगे झूमने।
मनमोहक मुस्कान लबों पे, भंवरे लगे डाली चूमने।
पीली सरसों लहलहाती, खेतों में छाई हरियाली हो।
प्रीत के तराने उमड़े, तुम गीत बहारों के लिख दो।
तुम हवा पर गीत लिख दो

मन का कोना-कोना हर्षित, मादकता लहराई हो।
तरुवर पल्लव पुष्प खिले, महक रही अमराई हो।
नई आशाएं नई उमंगे, तुम प्रेम भरी इक गागर हो।
प्यार के अनमोल मोती, बरसता सावन लिख दो।
तुम हवा पर गीत लिख दो

खुशियों के मेघ मंडराएं, अधरों पर मुस्कानें छा जाए।
बगिया महकी महकी सी, सुवासित गंध हर्ष फैलाए।
मन मंदिर में दीप लिए, थाल सजाकर पुष्प रख दो।
भाव भरा हृदय सजा, उर पटल शुभ वंदन लिख दो।
तुम हवा पर गीत लिख दो

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :

जब मर्यादाएं बोझ लगे | Jab Maryadaye

Similar Posts

  • क्षितिज पार नया उजाला | Naya Ujala Poem in Hindi

    क्षितिज पार नया उजाला ( Kshitij par naya ujala )   हौसला भर चलो यारों, पड़े मुश्किलों से पाला है। खिड़की खोल देखो, क्षितिज पार नया उजाला है। क्षितिज पार नया उजाला है रोशन जिंदगी कर लो, प्रेम की सरिता बहती है। सारे तीर्थों की गंगा, मां के श्रीचरणों में रहती है। भर लो झोली…

  • नयनों के तारे आजा | Naino ke Tare Aaja

    नयनों के तारे आजा ( Naino ke Tare Aaja )   नयनो के तारे आजा, बुढ़ापे के सहारे आजा। दूध का कर्ज चुकाने, बेटे फर्ज निभाने आजा। नयनो के तारे आजा खूब पढ़ाया तुमको, लाड लडाया तुमको। अंगुली पकड़कर, चलना सिखाया तुमको। तुतलाती बोली प्यारी, शीश झुकाने आजा। ताक रही आंखें रस्ता, झलक दिखाने आजा।…

  • मैं अकेला इक काफिला हूं | Geet Main Akela

    मैं अकेला इक काफिला हूं ( Main akela ek kafila hoon )    मैं अकेला इक काफिला हूं, चलता जाता मौज में। गीत रचता नित नया, काव्य शब्द चुनता ओज के। वीरों महावीरों रणवीरों की, तरुणाई जगाने चला हूं। राष्ट्रधारा में देशभक्ति की, वीर गाथा सुनाने चला हूं। मैं अकेला इक काफिला हूं हल्दीघाटी हुंकार…

  • रंग रूप और गुण | Geet Rang Roop aur Gun

    रंग रूप और गुण ( Rang roop aur gun )    रंग रूप और गुण मिले जुड़े हैं दिलों के तार। अपनापन अनमोल मिले हृदय उमड़ता प्यार। धरती अंबर जब मिले बहती भावों की रसधार। उतरे चांद जमीन पे चांदनी खुशियों की फुहार। हृदय उमड़ता प्यार रंग मिले रोशन हो चेहरे, रुप मिले निखार आए।…

  • तुम वर्तमान

    तुम वर्तमान तुम वर्तमान के पृष्ठों पर ,पढ़ लो जीवन का समाचार ।क्या पता कौन से द्वारे से ,आ जाये घर में अंधकार।। आशा की किरणें लौट गयीं ,बैठी हैं रूठी इच्छायेंप्रात: से आकर पसर गईं ,आँगन में कितनी संध्यायेंइन हानि लाभ की ऋतुओं में, तुम रहो सदा ही होशियार ।।तुम वर्तमान—– चल पड़ो श्रमिक…

  • आया क्रिसमस का त्योहार | Poem on Christmas in Hindi

    आया क्रिसमस का त्योहार ( Aaya christmas ka tyohar )   आया क्रिसमस का त्योंहार सब खुशियाँ मनाओ अपार। आऐ प्रभु यीशु अपने द्वार सब खुशियाँ मनाओ हजार।।…२ एक यहूदी बढ़ई के घर जन्में प्रभु यीशु ।।…२ बेथलेहेम मरियम के गर्भ जन्में है प्रभु यीशु। ईसा से बनें यीशु मसीहा सबके कहलाएं।।…२ 12 वर्ष उम्र…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *