घर आबाद रखना

घर आबाद रखना | Ghar Aabaad Rakhna

घर आबाद रखना

मुसलसल दिल को अपने शाद रखना
मेरी यादों से घर आबाद रखना

गुज़ारी है ग़मों में यूँ भी हँसकर
मुझे है प्यार की मरजाद रखना

मिलेंगे हम ख़ुशी से फिर यहीं पर
लबों पर बस यही फ़रियाद रखना

वफ़ा के फूल ख़ुद खिलते रहेंगे
सदा देते इन्हें तुम खाद रखना

बहारें दे रहीं हैं दस्तकें फिर
सनम मन को न अब नाशाद रखना

फक़ीरों के हैं दामन में दुआएं
जहां वालों सदा यह याद रखना

सफ़र में दूरियाँ जितनी हों साग़र
मुबाइल से सदा संवाद रखना

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • ख़ल्वत-ओ-जल्वत | Khalvat-o-jalvat

    ख़ल्वत-ओ-जल्वत ( Khalvat-o-jalvat ) ख़ल्वत-ओ-जल्वत में यारों फ़र्क ही कितना रहाउसकी यादों का सदा दिल पर लगा पहरा रहा। मुझमें ही था वो मगर किस्मत का लिक्खा देखिएअंजुमन में गैऱ के पहलू में वो बैठा रहा। कुछ कमी अर्ज़ -ए – हुनर में भी हमारी रह गईवो नहीं समझा था दिल की बात बस सुनता…

  • हृदय में जो निशानी है

    हृदय में जो निशानी है दिखाता प्रेम की तुमको हृदय में जो निशानी है ।कभी लाओ उसे भी पास जिससे ये कहानी है ।। अधूरे स्वप्न ये मेरे मुझे इतना सताते अब ।अधर कुछ कह नहीं पाते बहाते नैन पानी है ।। अकेले ही पडा रोना मुझे तो इश्क़ में उनके ।हुआ चर्चा अभी जिनका…

  • मुहब्बत न जाने | Muhabbat na Jaane

    मुहब्बत न जाने ( Muhabbat na jaane )    करेगा मुहब्बत शराफत न जाने परस्तिश इबादत अकीदत न जाने। मिरा दिल चुराया उसी आदमी की चली क्यूं सदा बादशाहत न जाने। किया नाम दिल है उसी के मगर क्यूं वही एक अपनी वसीयत न जाने। नज़र आ गया ईद का चांद लेकिन दिखे कब तलक…

  • होली में

    होली में किया जख़्मी उसी ने है मुझे हर बार होली मेंगुलो के रंग से मुझपर किया जो वार होली में नही रूठों कभी हमसे भुला भी दो गिले सारेतुम्हारे ही लिए लाएँ हैं हम यह हार होली में रही अब आरजू इतनी कि तुमसे ही गले लगकरबयां मैं दर्द सब कर दूँ सुनों इस…

  • नये इस साल में | Naye is Saal Mein

    नये इस साल में ( Naye is saal mein )    प्यार के कुछ गुल खिलेंगे अब नये इस साल में दिल मिलेंगे मुस्कुरा के जब नये इस साल में। आज की तारीख़ खुशियां ला रहा अबके नई गा रहे दिलकश तराने लब नये इस साल में। रंजिशें रखके भला कैसे चलेगी जिंदगी बात सारी…

  • रिवाज़ दुनिया के | Ghazal Rivaaz Duniya Ke

    रिवाज़ दुनिया के  ( Rivaaz Duniya Ke ) रिवाज़ दुनिया के इतने सुनों ख़राब नहीं शराब पीता है हर आदमी जनाब नहीं अभी तो दिल पे भी मेरे कोई अज़ाब नहीं । हुई क्या बात जो रुख पे रुका हिज़ाब नहीं । करूँ न ख़ार से मैं दोस्ती कभी यारो पिये मैं रहता हूँ हरदम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *