Ghazal bhool
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भूल जाने का उसे ए रब असर दे

( Bhool jane ka rab use asar de )

 

 

भूल जाने का उसे ए रब असर दे

सब्र ऐसा  जिंदगी भर रब मगर दे

 

बेरुख़ी से देखना वो छोड़ दे वो

ए ख़ुदा उसको मुहब्बत की नज़र दे

 

के न जाने हाल क्या होगा उसी का

अब उसकी ए यार कोई तो ख़बर दे

 

भेज कोई दोस्त ऐसा जिंदगी में

ए ख़ुदा दिल से वफ़ा जो उम्रभर दे

 

पल यहाँ तन्हा मगर कटता नहीं है

ए ख़ुदा कोई हंसी नजरें इधर दे

 

जिंदगी की दूर तन्हाई हो जाये

फूल वो आज़म मुहब्बत का अगर दे

 

 

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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