Muskurana chahiye

मुस्कुराना चाहिए | Muskurana chahiye | Kavita

मुस्कुराना चाहिए

( Muskurana chahiye )

 

गीत कोई प्यारा लगे तो गुनगुनाना चाहिए।

देख कोई अपना लगे तो मुस्कुराना चाहिए।

 

प्यार में शर्ते नहीं संबंध निभाना चाहिए।

हंसकर सबसे मिले प्रेम जताना चाहिए।

 

अपनापन अनमोल मोती खूब लूटाना चाहिए।

पल दो पल हमको भी सदा मुस्कुराना चाहिए।

 

आंधी तूफान आते जाते हौसला बढ़ाना चाहिए।

प्रीत भरी भावन बातें मस्त बहार लाना चाहिए।

 

खिलते सारे फूल कहते ना घबराना चाहिए।

हर मुश्किल हम पार करें मुस्कुराना चाहिए।

 

जोड़े दिलों के तार सभी संगीत सुहाना चाहिए।

जीवन का संगीत मधुर हो मुस्कुराना चाहिए।

 

?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :- 

हर तमन्ना खाक होकर रह गई | Tamanna poem

 

Similar Posts

  • भूख | Safalta ki Bhookh par Kavita

    भूख ( Bhookh )   चाहे हो दु:ख लाख पालो भूख आप बढ़ने की पढ़ने की आसमां छूने की। भूख बड़ी चीज़ है! भूख ही नाचीज़ को चीज बनाती है वरना यह दुनिया बहुत सताती है बहुत रूलाती है सच को भी झुठलाती है। अधिकारों से भी रखती हमें वंचित मस्तिष्क इनका बहुत ही है…

  • समय | Samay par Kavita

    समय ( Samay )    मूल्यवान है समय की कीमत  इसको    व्यर्थ   गवाओं   ना    समय  समय पर डोले धरती  समय  पर  सूरज  चांद  उगे   समय  समय  पर चले हवाएं   समय  पर   सुंदर  नाद  लगे,   कर सदुपयोग कर्म कर अपना पीछे      पैर     हटाओ    ना।   पेड़   समय  पर  फल  देता  है समय  …

  • सनातन धर्म | Sanatan dharm par kavita

    सनातन धर्म  ( Sanatan dharm )   आज गर्व करों, कि हम हिन्दू है, जिसका आदि है, ना कोई अन्त। धर्म रक्षक और, सनातनी जो है, इसमें ज्ञान के है, दो पवित्र ग्रंथ।।   यह सनातन धर्म है, बहुत प्यारा, रामायण गीता पढ़ते, वृज बाला। श्री राम के नाम में, बहुत सहारा, शाश्वत / हमेशा…

  • विरह | Virah ke geet

    विरह ( Virah )   वो अपनी दुनिया में मगन है, भूल के मेरा प्यार। मैं अब भी उलझी हूँ उसमें, भूल के जग संसार।   याद नही शायद मैं उसको,ऋतु बदला हर बार। विरह वेदना में लिपटी मैं, प्रीत गयी मैं हार।   मैं राघव की सिया बनी ना, जिसकी प्रीत सहाय। मैं कान्हा…

  • वो लड़की | Woh ladki | Poem in Hindi

    वो लड़की ( Woh ladki )   वो लड़की , दूनियाँ अपनी नई बनाती तो होगी , गीत चाहत का कोई गुनगुनाती तो होगी I   तस्वीर कोई आँखों में सजाती तो होगी , खड़ी आइने के सामने मुस्कराती तो होगी ।   अनकही सी बातें आ जाती होंगी लबों पर , अनजाने से रिश्तों…

  • इमली का पेड़ | Imali ka Ped

    इमली का पेड़ वो चुपचाप खड़ाबूढ़ा इमली का पेड़पाठशाला प्रांगण मेंदो मंजिला इमारत के सामनेध्यानमग्नबुद्ध की तरहमानो सत्य का ज्ञान पाकरदे रहा संदेश मानवता कोजड़ता छोड़ोया ऋषि की भांति तपस्या में लीनजिसने सीख लिया सम रहनाइस सावन मेंनहीं आई नवीन पत्तियांफिर भी बाँटता रहताखड़खड़ाती इमली के फलअब उसे नहीं लगता डरआंधी -तूफान सेजैसे उसने समझ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *