Old Age Homes in India
Old Age Homes in India

भारत में बढ़ते हुए वृद्ध आश्रम

( Growing Old Age Homes in India )

 

भारत में बढ़ते हुए वृद्ध आश्रम बच्चों को प्रेरित कर रहे हैं कि माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ा जाएl, भारतीय संस्कृति में वृद्ध आश्रम का कोई स्थान नहींl

आश्रय आश्रम तो मान सकती हूंl, कि उनका कोई करने वाला नहीं है तो उन्हें आश्रय आश्रम में रखा जाएl, विदेशों में तो माता-पिता भी गोद लिए जाते हैंl, ऐसे कई परिवार होते हैं जिनके माता-पिता नहीं होते हैं तो वह माता पिता गोद ले लेते हैं यह परिपाटी हमारे यहां भी शुरू हो जानी चाहिए ताकि हम बच्चे वृद्धों की छांव में पले बढ़ेl

कभी-कभी लगता है वृद्ध आश्रम भरने का दूसरा, कारण माता पिता का अत्याधिक लगाव है वे अपना सब कुछ, उम्र के पहले ही बच्चों के नाम कर देते हैं जबकि पति को एक हिस्सा पत्नी के नाम जरूर करना चाहिएll

जिस तरह से महिलाएं प्रताड़ित होकर वन स्टॉप सेंटर में जा सकती हैं कानून का आश्रय ले सकती हैं उसी तरह से फैमिली कोर्ट में वृद्ध भी अपने लिए न्याय पा सकते हैं वृद्धजनों को भी अपने जीवन को सम्मान से जीने के हक हैं अतः माता-पिता को भी भूल से सब कुछ अपने बच्चों के नाम कभी नहीं करना चाहिए बेशक आप कितना भी उनसे प्रेम करते हैंl

जिस तरह हम सभी विषयों पर खुलकर चर्चा करते हैं क्यों माता-पिता अपनी बातों को छुपा जाते हैं कि आज मेरा बेटा या बेटी अच्छी तरह व्यवहार नहीं कर रहे हैं समाज में रहकर यदि कुछ गलत होता है तो उस पर बोलने का सबको हक हैl

कभी-कभी वृद्ध अपने आप को हारा हुआ मान जाते हैं जिसके कारण वह अपने बच्चों के आधीन हो जाते हैं जबकि ऐसा नहीं होता एक व्यक्ति जो एक बड़े पद पर रहकर या खेती कर कर पूरा जीवन अपने बच्चों को पालता पोस्lता है वह एक समय बाद बेकार कैसे हो सकता है जीवन जीने की जीजीवसा को जीवित रखना चाहिए l

उन्हें यह सोचकर कभी ना रखें कि एक भाई की कमी पूरी हो जाएगी या एक नौकर की कमी पूरी हो जाएगी बल्कि यह सोच कर रखें जो आप अपने बच्चों को नहीं दे पाए वह यह बुजुर्ग देंगे बढ़ते हुए अपराध का यही एक कारण विघटित होते हुए परिवार है यह हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि कल आप भी वृद्ध होंगे और आपके बच्चे भी आपके साथ वैसा ही व्यवहार करेंगेl

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डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

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