Hindi diwas par vishesh kavita

हिंदी पर अभिमान | Hindi diwas par vishesh kavita

हिंदी पर अभिमान

( Hindi par abhiman )

 

हमें हिंदी पर अभिमान हैं
हिंदी के सम्मान में वृद्धि हो सदैव
गौरव गाथा हिंदी की भारत के समान है ।।

आओ हिंदी भाषा का सम्मान करे
हिंदी से ही हमारी अलग पहचान है
सदा रहें भारत का है गौरव हमारे ,
मातृभाषा हिंदी हमारी मां समान हैं ।।

हिंदी में पढ़ते हम सभी गूढ विधान ,
कठिन वर्णमाला होने पर भी हिंदी ,
सरल प्रवाह से बोली जाती हिंदी भाषा
पाती जग में हिंदी गौरवशाली सम्मान ।।

रस रूप अलंकार छंद से श्रृंगार इसका
सबसे सरल सुंदर हिंदी हमारी सदैव
जगत की भाषाओं में गौरवान्वित हिंदी
हमें हमारी हिंदी भाषा पर अभिमान है।

जय भारती , जय हिंदी , जय मातृभूमि।

 

आशी प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

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