Hindi Poem Suno Ladkiyon

सुनो लड़कियों | Hindi Poem Suno Ladkiyon

सुनो लड़कियों

( Suno ladkiyon )

 

हम मध्यम वर्गीय परिवार की लड़कियां

नहीं भर सकती ऊचाईयों तक उड़ान अपनी

इनके कांधे का वजह भारी होता है

 

क्यूंकि इन्हें लेकर चलना पड़ता है

लड़की होने की मर्यादा

रिश्तों और समाज के तानों बानों का बोझ

 

मगर हारती नहीं निरंतर जारी रखती हैं प्रयास

ताकि रच सके नया इतिहास

 

रोटियों के जगह बनाती हैं मानचित्र समाज की

और सेंक देती हैं तवे पर

 

क्यूंकि उन्हें पता है जबतक तानों और

भेदभाव की बेड़ियों में जकड़ी रहेंगी

हासिल ना कर सकेंगी मन्ज़िल अपनी

 

तो सुनो लड़कियो, उठो और

अपनी यात्रा का शुभारंभ करो

ताकि आसमां से ऊंची उड़ान हो तुम्हारी।

☘️

लेखिका :- नेहा यादव

लखनऊ ( उत्तरप्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

पापा आपके जाने के बाद | Papa ki yaad kavita

Similar Posts

  • रब की अदालत

    रब की अदालत   1. वो मजलूमों को बेघर कर बनाया था अलीशां मकां यहां, गरीब,लचारों की बद्दुवा कबूल हो गई रब की अदालत में वहां अब बरस रहा बद्दुवाओं का कहर देखो , जमींदोज हो रहा अलीशां मकां यहां। 2.     हुआ घमंड जब-जब वो गिराते रहे बार-बार, हुआ तालीम, परोपकार जब-जब उन्हीं दुवाओं…

  • आगे से | Kavita Aage Se

    आगे से ( Aage Se ) वचन लिया हमने भइया से, कच्चे सूत के धागे से, करो हमारी रक्षा भईया, बढ़कर तुम ही आगे से, देखो डिग ना जाना भाई, तुम अपने इस वादे से, इल्ज़ाम न लेना सिर कोई, वचन निभाना आगे से, भाई-बहना के बीच भले, तकरार कोई भी हो जाए, अहंकार मत…

  • मोहिनी नारी | Mohini Nari

    मोहिनी नारी ( Mohini nari )   आयुद्धों से भरे हुए भण्डार है मोहिनी नारी के। नयना तीर कमान बिछाये जाल है मोहिनी नारी के। माया ममता महबूबा से भाव है मोहिनी नारी के। अभी तो है शुरूवात अनेको रंग है मोहिनी नारी के। शतरूपा से शुरू हुआ संसार है मोहिनी नारी के। त्रिदेवी का…

  • गृहिणी जीवन | Kavita Grhinee Jeevan

    गृहिणी जीवन ( Grhinee Jeevan )   प्रबंधन के प्रेरणा सूत्र,गृहिणी जीवन से स्वस्थ स्वच्छ घर द्वार , अथक श्रम अठखेलियां । अनूप निर्वहन विविध भूमिका, ताकत नजाकत अबूझ पहेलियां । परिवार सम्मान अभिरक्षा ध्येय, सदा मंगल स्तुति चितवन से । प्रबंधन के प्रेरणा सूत्र, गृहिणी जीवन से ।। हर सदस्य रूचि ध्यान, पोशाक खान…

  • हाथरस की भीड़ में

    हाथरस की भीड़ में हाथरस की भीड़, में शून्य हुआ जीवन रस अंधविश्वासी बनकर बाबा के दरबार में मैं तो नत मस्तक करने गई थी। अपनों के पास पहुंचने से पहले मैं बाबा धाम पहुंच चुकी थी। सुलझाने कुछ समस्या उलझन में सांसे फस गई थी अंधविश्वासी बनकर मैं तो बाबा के दरबार में गई…

  • दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार

    दीपावली सबसे प्यारा त्यौहार दीपावली है दीपोत्सव का सबसे प्यारा त्यौहार,दीपक जलाकर इसे मनाता हैं देखो सारा संसार।जगमगाता है जग, दीपक की ज्योति की लौ से,दीप जलाते,खुशी मनाते हैं, है रंगोली की भरमार।। दीपावली सनातनियों का है सबसे प्यारा त्यौहार,जग के अंधकार मिटाता है होती रोशनी की भरमार ।बुराई से अच्छाई की विजय कर घर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *