जड़न घड़न

जड़न घड़न

जड़न घड़न

कोई पूत कोई दौलत मांगे
कोई रुतबा और शौहरत मांगे
कोई दुनिया से न्यारी प्यारी
बेहद हसीन औरत मांगे

कोई राजपाट का इच्छुक है
कोई ठाट-बाट का इच्छुक है
कोई मस्त मसनदों गद्दों में
कोई एक खाट का इच्छुक है

कोई आशिक़ मस्त बहारों का
कोई आशिक़ चाँद-सितारों का
कोई मगन फ़क़ीरी में रहता
कोई आशिक़ है भण्ड़ारों का

लेकिन कोई ये कहे नहीं
बस एक मुझे ‘तू’ मिल जाए
हो जनम-मरण से छुटकारा
मेरा लय तुझमें हो जाए

देशपाल सिंह राघव ‘वाचाल’
गुरुग्राम महानगर
हरियाणा

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • नारी!कौन हो तुम | Nari Kaun ho Tum

    नारी!कौन हो तुम? ( Nari Kaun ho Tum )   नारी! कौन हो तुम? नारी! शिव की पार्वती है हम, विष्णु की लक्ष्मी है हम, ब्रह्मा की गायत्री है हम, कान्हा की राधा है हम, पांडवों की द्रौपदी है हम, राम की सीता है हम। नारी! कौन हो तुम? नारी!वाणी में सरस्वती है हम, विद्या…

  • बिखरा बिखरा |  Suneet Sood Grover Poetry

    बिखरा बिखरा ( Bikhara bikhara )   बिखरा बिखरा कतरा कतरा इधर उधर से जो मैं सहेजती हूँ संजोती हूँ   हवा का इक झोंका फिर उसे बिखरने को कर देता है मजबूर   दो हाथों में कभी आगोश में तो कभी दामन के पल्लू में   फिर उसे बचाती हूँ समेटती हूँ बाँध कर…

  • एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry

    भाई बहिन है रक्षा के बंधन रक्षाबंधन जीवन में खुशियाँ लाया,बहिन ने ये बंधन फिर याद दिलाया।बचपन की मीठी वो यादें ताज़ा बातें,संग हँसी और प्यारी बातें हुई सौगातें।धागों में लिपटी सिर्फ़ दुआ नहीं होती,आँखों को नम करती छाया भी होती।भाई का सिर भी गर्व से ऊंचा होता,भाईबहिन का दिल मन सच्चा होता।बहिन की लंबी…

  • उपकार

    उपकार   भारत में हमें जन्म दिया , सबसे बङा तेरा उपकार। इसी पुण्य -भूमि पर , सदा लिया तुमने अवतार।।   सब जीवों में श्रेष्ठ बनाया, दिया सबकी रक्षा का भार। चौरासी का जो बंधन काटे , भव से तरने की पतवार।।   सूरज-चंदा दोनों मिलकर, स्वस्थ रखते ये संसार। समीर-भूमि इन दोनों पर,…

  • राम आयेंगे- राम आयेंगे | Ram Aayenge

    राम आयेंगे- राम आयेंगे   ” राम आयेंगे- राम आयेंगे” राम गये ही कब थे जो राम आयेंगे राम कहीं गये हैं क्या ? अयोध्या छोड़ कर राम तो — युगों-युगों से यहीं हैं सरयू जी के निर्मल नीर से पूछो राम बनवास गये तो भी यहीं रहे पादुकाओं के रूप में राम किसी विशेष…

  • योग | Yoga Diwas

    योग ! ( Yoga )  ( विश्व योग दिवस विशेष )   खिला -खिला रहता है जीवन, जो भी योग अपनाता। छिपी हैं योग में अनंत शक्तियाँ, पर विरला इसे जगाता। प्राणायाम के माध्यम से हम, अपना विश्वास बढ़ाएँ । अनुलोम-विलोम,कपालभाती से, जीवन दीर्घायु बनाएँ। चुस्ती-फुर्ती रहती दिनभर, मन प्रसन्न भी रहता। बुद्धि-विवेक बढ़ता है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *